बेंगलुरु , जनवरी 29 -- कर्नाटक विधानसभा में गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता विकास पुत्तूर को कर्नाटक नफरती भाषण और नफरती अपराध (रोकथाम) विधेयक- 2025 का हवाला देते हुए पुलिस नोटिस जारी किये जाने पर भाजपा और कांग्रेस के बीच टकराव हो गया।

कर्नाटक नफरती भाषण और नफरती अपराध (रोकथाम) विधेयक- 2025 को अभी तक राज्यपाल की मंज़ूरी नहीं मिली है।

इस बीच गत 24 जनवरी को तारिकेरे में एक हिंदू समाजोत्सव जुलूस से पहले चिक्कमगलुरु जिला पुलिस ने श्री पुत्तूर को चेतावनी दी थी कि वह सुनिश्चित करें कि उनके भाषण से किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस न पहुंचे या नफरत न फैले। इस कार्रवाई से विधानसभा में सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच टकराव हो गया।

भाजपा विधायकों ने आरोप लगाया कि श्री पुत्तूर को विधेयक के तहत नोटिस जारी नहीं किया जाना चाहिये था। उन्होंने कहा कि यह कैसे हुआ, इसकी जांच के लिए एक रिपोर्ट मांगी जायेगी। कानून मंत्री एचके पाटिल ने निवारक कार्रवाई को सार्वजनिक व्यवस्था बनाये रखने के लिए एक सामान्य प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले आमतौर पर सरकारी हस्तक्षेप के बिना पुलिस अधिकारियों द्वारा संभाले जाते हैं।

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