देवरिया , अक्टूबर 24 -- उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि नदियों को स्वच्छ एवं संरक्षित बनाए रखना सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। नदियों में मत्स्य बीज संचय से जलीय पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन बना रहेगा और मत्स्य सम्पदा बढ़ने से स्थानीय मछुआरों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर सृजित होंगे।
कृषि मंत्री शाही शनिवार को रिवर रैंचिंग कार्यक्रम के अंतर्गत देवरिया में छोटी गंडक नदी में मत्स्य बीज संचय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने पकहा घाट, बघौच घाट, सोनौला रामनगर एवं हेतिमपुर घाट पर भारतीय मेजर कार्प प्रजाति के मत्स्य बीज का संचय किया। उन्होंने कहा कि लोग नदियों से मछलियों का शिकार तो करते हैं, लेकिन मत्स्य सम्पदा बनाए रखने के लिए बीज संचय नहीं करते। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में रिवर रैंचिंग कार्यक्रम चलाया जा रहा है। उन्होंने मछुआरा समुदाय से अपील की कि छोटी मछलियों का शिकार न करें। ताकि उन्हें बढ़ने और प्रजनन का अवसर मिल सके।
इस अवसर पर उप निदेशक मत्स्य ने बताया कि मानवीय गतिविधियों तथा प्रदूषण बढ़ने से नदियों में मत्स्य सम्पदा में कमी आई है।जिसे देखते हुए विगत चार वर्षों से रिवर रैंचिंग कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मत्स्य संसाधनों का पुनर्संवर्धन, जैव विविधता का संरक्षण और मछुआरों की आजीविका को सुदृढ़ करना है।
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