नयी दिल्ली , मई 08 -- केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से "प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल टीमों के लिए एकीकृत प्रशिक्षण कार्यक्रम" का शुभारंभ किया।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि यह कार्यक्रम देशभर में कार्यरत अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों को एक एकीकृत, संरचित और योग्यता-आधारित प्रशिक्षण ढांचे के तहत प्रशिक्षित करेगा। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाना और समुदाय आधारित स्वास्थ्य कार्यबल की क्षमता को मजबूत बनाना है।

मंत्रालय का कहना है कि यह पहल आशा, एएनएम और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) सहित प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा कार्यबल में शामिल 70 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को सशक्त बनाएगी। इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के "नारी शक्ति" दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

उन्होंने बताया कि एकीकृत प्रशिक्षण मॉडल स्वास्थ्य कर्मियों को निवारक, संवर्धक और उपचारात्मक स्वास्थ्य सेवाएं अधिक प्रभावी तरीके से प्रदान करने में सक्षम बनाएगा। इससे लोगों को उनके घरों के नजदीक समय पर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

सरकार ने कहा कि हाल के वर्षों में आयुष्मान भारत कार्यक्रम और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। जन आरोग्य समितियों, महिला आरोग्य समितियों और ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समितियों के जरिए सामुदायिक सहभागिता को भी बढ़ावा दिया गया है।

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