पटना , जून 25 -- बिहार नगर विकास एवं आवास विभाग तथा विश्व बैंक के संयुक्त तत्वावधान में बिहार अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन कार्यक्रम के अंतर्गत को-क्रिएटिंग द विज़न एंड स्ट्रेटेजी फॉर सस्टेनेबल अर्बनाइजेशन विषय पर 'वर्किंग लेवल विजनिंग' कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने की। विश्व बैंक की ओर से रोसाना निट्टी ने टीम का नेतृत्व करते हुए सतत शहरीकरण एवं शहरी परिवर्तन से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रधान सचिव विनय कुमार ने कहा कि बिहार सरकार शहरी विकास के क्षेत्र में एक अत्यंत महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रही है। राज्य में जहां एक ओर नए शहरों और सैटेलाइट टाउनशिप के विकास पर कार्य किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पुराने शहरों के व्यापक पुनरुद्धार एवं कायाकल्प की दिशा में भी ठोस पहल की जा रही है।उन्होंने कहा कि इस परिवर्तनकारी यात्रा में विश्व बैंक राज्य सरकार का महत्वपूर्ण साझेदार है। आने वाले दस वर्षों में विश्व बैंक के सहयोग से कई महत्वपूर्ण शहरी विकास परियोजनाओं को मूर्त रूप दिया जाएगा। इनमें कुछ अल्पकालिक परियोजनाएं अगले दो से तीन वर्षों में धरातल पर दिखाई देने लगेंगी।
प्रधान सचिव ने कहा कि विश्व बैंक का सहयोग केवल वित्तीय संसाधनों तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी वैश्विक विशेषज्ञता और नीति-आधारित मार्गदर्शन भी बिहार को प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व स्तरीय विशेषज्ञों के साथ मिलकर राज्य के सैटेलाइट टाउनशिप, शहरी अवसंरचना तथा पुराने शहरों के समग्र पुनर्विकास की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
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