वाराणसी , अप्रैल 13 -- काशी अब आधुनिक व्यापारिक सुविधाओं और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के एक नए युग में प्रवेश कर रही है। नगर निगम भी शहरी क्षेत्र के खाली पड़े भू-भागों का व्यावसायिक उपयोग कर अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ शहर को नई पहचान देने में जुटा हुआ है।
इसी क्रम में नगर निगम ने कैंट स्थित मालगोदाम की बेशकीमती भूमि पर 'नमो: बनारस केंद्र' विकसित करने का निर्णय लिया है। यह केंद्र न केवल वाराणसी के पारंपरिक बुनकरों और व्यापारियों के लिए वरदान साबित होगा, बल्कि शहर के आर्थिक ढांचे को भी मजबूती प्रदान करेगा।
महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में सोमवार को नगर निगम के सभागार में हुई कार्यकारिणी की बैठक में 'नमो: बनारस केंद्र' प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी मिल गई। नगर निगम की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत कुल 0.82 हेक्टेयर भूमि पर 145.36 करोड़ रुपये की लागत से जी 6 मल्टीस्टोरी कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा। इस कॉम्प्लेक्स का कुल निर्माण क्षेत्रफल 48,365.10 वर्ग मीटर होगा, जिसमें छोटी-बड़ी कुल 844 आधुनिक दुकानें बनाई जाएंगी।
व्यापारियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसमें 155 वर्ग फीट से लेकर 655 वर्ग फीट तक की विभिन्न आकार की दुकानें उपलब्ध होंगी। परियोजना के वित्तपोषण के लिए नगर निगम ने एक मॉडल तैयार किया है। इसके तहत व्यापारियों से लगभग 100 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे, जबकि शेष 45.36 करोड़ रुपये की राशि निगम राज्य वित्त आयोग से प्राप्त अनुदान की बचत से खर्च करेगा। यह केंद्र मुख्य रूप से बनारसी साड़ी उद्योग और सप्तसागर दवा मंडी के व्यवसायियों को आवंटित किया जाएगा।
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