चंडीगढ़ , मई 14 -- शिरोमणि अकाली दल ने गुरुवार को आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार नगर परिषद और नगर पालिका चुनावों में विपक्षी दलों के उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोकने के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) को हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है।

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता अरशदीप सिंह कलेर ने राज्य चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि यह बेहद हैरान करने वाली बात है कि कार्यकारी अधिकारियों को विपक्षी उम्मीदवारों को एनओसी जारी न करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मजीठा हलका से आम आदमी पार्टी के प्रभारी तलबीर सिंह गिल ने सोशल मीडिया पर खुले तौर पर इस संबंध में आदेश जारी किए। यह भी चौंकाने वाला है कि संबंधित अधिकारी उनसे पूछ रहे थे कि क्या सभी को एनओसी जारी करनी है।

उन्होंने कहा कि ब्लॉक समिति और जिला परिषद चुनावों की तरह इस बार भी सरकार किसी न किसी बहाने विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोकने की कोशिश कर रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि सरकार चुनाव लड़ने से इतनी डरी हुई है तो चुनाव कराने के बजाय सीधे अपने उम्मीदवार नामित कर दे। श्री कलेर ने कहा कि ब्लॉक समिति चुनावों के दौरान विपक्षी कार्यकर्ताओं को नामांकन दाखिल करने से रोकने के निर्देश देने वाली कथित ऑडियो क्लिप सामने आई थी। उन्होंने उन्होंने पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने हाईकोर्ट में हलफनामा दिया था कि अधिकारी चुनाव समाप्त होने तक अवकाश पर रहेंगे, लेकिन वह अब भी जिले में एसएसपी के तौर पर कार्यरत हैं।

श्री कलेर ने कहा कि राज्य चुनाव आयोग ने हाईकोर्ट के निर्देशानुसार ऑडियो क्लिप की चंडीगढ़ फॉरेंसिक लैब से जांच करवाने को लेकर भी कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि राज्य चुनाव आयोग कानून के मुताबिक अपना कर्तव्य निभाने में विफल रहता है तो शिरोमणि अकाली दल आयोग के कार्यालय के बाहर धरना देगा।

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