सुपौल , अक्टूबर 07 -- बिहार के सुपौल जिले में बाल विकास परियोजना कार्यालय, छातापुर से जुड़ा नगद राशि के लेन-देन का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए एक महिला पर्यवेक्षिका को निलंबित तथा संबंधित आंगनबाड़ी सेविका को चयनमुक्त कर दिया है।
समाहरणालय, सुपौल से जारी सुचना के अनुसार, बाल विकास परियोजना कार्यालय, छातापुर के अंतर्गत सोशल मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित हुआ था, जिसमें महिला पर्यवेक्षिका सीमा कुमारी को राशि लेते हुए दिखाया गया था। मामले में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी के कार्यालय द्वारा 29 सितंबर 2026 को बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, छातापुर से मामले की जांच कर स्पष्ट प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये थे।
बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, छातापुर की और से पांच अक्टूबर को प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में वायरल वीडियो और उपलब्ध साक्ष्यों के अवलोकन के बाद प्रथम दृष्टया पाया गया कि महिला पर्यवेक्षिका सीमा कुमारी और आंगनबाड़ी सेविका ममता कुमारी की और से अपने पदीय कर्तव्यों का ईमानदारी एवं निष्ठापूर्वक निर्वहन नहीं किया गया। इससे विभाग की छवि भी धूमिल हुई।
जांच प्रतिवेदन के अनुसार, महिला पर्यवेक्षिका सीमा कुमारी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में नकद राशि का लेन-देन किया था। वहीं, आंगनबाड़ी सेविका ममता कुमारी की और से सक्षम पदाधिकारी को सूचित किए बिना नकद राशि हस्तगत कराए जाने और उसका वीडियो बनाए जाने का मामला सामने आया। जांच में इन कृत्यों को गंभीर कदाचार की श्रेणी में माना गया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित