गढ़चिरौली , मई 13 -- महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को राज्य की विमानपत्तन विकास कंपनी को यहां हवाई अड्डे के निर्माण के लिए प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी दे दी।
गृह विभाग नक्सली हिंसा के खिलाफ प्रयासों को मजबूत करने के लिए लंबे समय से जिले में हवाई अड्डे की मांग करता रहा है। उद्योग विभाग हालांकि बड़े रनवे वाली सुविधा पर जोर देता रहा है, क्योंकि यह शहर एक प्रमुख स्टील हब के रूप में उभर रहा है। इस क्षेत्र में लगभग 18 स्टील कंपनियां प्रस्तावित हैं।
यहां के जिलाधिकारी अविश्यांत पांडे के अनुसार, हवाई अड्डा शहर से लगभग सात किलोमीटर दूर स्थित होगा और इसमें लगभग 3,100 मीटर का रनवे होगा, जो बड़े विमानों के संचालन में सक्षम होगा।
एमएडीसी के सूत्रों ने पुष्टि की है कि प्रस्तावित हवाई अड्डे को एयरबस ए320 और बोइंग बी737 जैसे मध्यम आकार के विमानों के लिए तैयार किया जायेगा।
वर्तमान में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ या झड़पों के दौरान घायल होने वाले कमांडो और पुलिस कर्मी यहां रात में हेलीकॉप्टर संचालन पर प्रतिबंध के कारण अक्सर एयरलिफ्ट नहीं हो पाते हैं। इसके परिणामस्वरूप कई गंभीर रूप से घायल कर्मियों को समय पर उन्नत चिकित्सा उपचार के लिए नागपुर स्थानांतरित करना संभव नहीं हो पाता है।
जिलाधिकारी को हवाई अड्डे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने के लिए अधिकृत किया गया है। एमएडीसी के माध्यम से जिला प्रशासन ने शिरापुर चक, गुरुवाला, हीरापुर और राखी गांवों में फैली 311.81 हेक्टेयर सरकारी, निजी और वन भूमि के अधिग्रहण के लिए सरकार की मंजूरी के लिए प्रस्ताव पेश किया है। एमएडीसी ने भूमि अधिग्रहण के लिए 104.48 करोड़ रुपये के व्यय के लिए प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी मांगी है।
सूत्रों ने बताया कि यह प्रस्ताव मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली अधिकार प्राप्त समिति के समक्ष रखा गया था और आठ मई को इसे मंजूरी मिल गयी। सरकार ने जिलाधिकारी को मुआवजे के बदले 31.38 हेक्टेयर सरकारी भूमि एमएडीसी को स्थानांतरित करने के लिए भी अधिकृत किया है। इसके अतिरिक्त, परियोजना के लिए 34.68 हेक्टेयर वन भूमि के डायवर्जन को भी मंजूरी दे दी गयी है।
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