रायपुर , मई 26 -- छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित और नक्सल मुक्त घोषित जिलों में संचालित 506 भवनविहीन आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पक्के भवन निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी भवनों का निर्माण मार्च 2027 तक पूर्ण कराया जाए।
श्री साय ने बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर और सुकमा जिलों में भवनविहीन आंगनबाड़ी केंद्रों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश जारी किए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अभिसरण से यह निर्माण कार्य किया जाएगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण, प्रारंभिक शिक्षा, मातृ स्वास्थ्य और सामाजिक सशक्तिकरण की मजबूत नींव हैं। दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण आंगनबाड़ी व्यवस्था से बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण और पूर्व-प्राथमिक शिक्षा को मजबूती मिलेगी। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और स्थानीय आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि बच्चों के सीखने और मानसिक विकास के अनुकूल वातावरण तैयार करना है। इसी उद्देश्य से भवन निर्माण में "बाला " अवधारणा को प्राथमिकता देने को कहा गया है।
आंगनबाड़ी भवन निर्माण के लिए प्रति भवन 11.69 लाख रुपये की लागत निर्धारित की गई है। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा दो लाख रुपये, मनरेगा के तहत आठ लाख रुपये तथा शेष 1.69 लाख रुपये की राशि डीएमएफ, सीएसआर अथवा अन्य स्थानीय संसाधनों से उपलब्ध कराई जाएगी।
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