बीजापुर , सितंबर 01 -- छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सलवा जुडूम के दौरान विस्थापित होकर करीब दो दशक से शहर के विभिन्न वार्डों में रह रहे नक्सल पीड़ित परिवारों ने मंगलवार को स्थायी राजस्व पट्टा देने की मांग को लेकर नगर पालिका परिषद कार्यालय का घेराव किया और मुख्यमंत्री के नाम अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को ज्ञापन सौंपा।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्ष 2005 में नक्सल हिंसा के कारण वे अपने गांव छोड़कर बीजापुर आए थे और तब से नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक एक, सात, आठ, नौ, 10, 11 और 12 में मकान बनाकर रह रहे हैं। उनका आरोप है कि करीब 20 वर्ष बीतने के बावजूद उन्हें स्थायी राजस्व पट्टा नहीं दिया गया है और समय-समय पर मकान खाली करने तथा बेदखली के नोटिस मिलने से परिवारों में असुरक्षा की स्थिति बनी हुई है।

ज्ञापन में प्रभावित परिवारों ने कहा कि वे नक्सल हिंसा के कारण जान बचाकर बीजापुर आए थे और मजदूरी तथा छोटे काम-धंधों के जरिए जीवनयापन कर रहे हैं। उन्होंने संबंधित वार्डों में लंबे समय से निवासरत परिवारों को स्थायी राजस्व पट्टा देने और पट्टा मिलने तक मकानों को हटाने अथवा बेदखली की कार्रवाई रोकने की मांग की।

इस दौरान बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि वर्ष 2005 में सलवा जुडूम के समय से ये परिवार बीजापुर में रह रहे हैं। इनमें अधिकांश गरीब और मजदूर परिवार हैं। उन्होंने राज्य सरकार से प्रभावित परिवारों को तत्काल स्थायी राजस्व पट्टा देने तथा तब तक मकानों को हटाने की कार्रवाई नहीं करने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आगामी दिनों में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।

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