हनुमानगढ़ , जून 13 -- राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद योजना में फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से अनुचित लाभ उठाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध जिला प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा।

अपर जिलाधिकारी रामरतन सौंकरिया ने शनिवार को बताया कि जिले को इस वर्ष रिकॉर्ड आठ लाख 96 हजार टन गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला है। आरंभिक जांच में कुछ व्यक्तियों द्वारा नकली दस्तावेजों और डुप्लीकेट गिरदावरी के माध्यम से योजना का दुरुपयोग किए जाने के संकेत मिले हैं।

उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में एक ही भूमि के आधार पर तैयार किए गए फर्जी ठेकानामों, अनुबंध सहमति पत्रों औरर ओटीपी के दुरुपयोग के माध्यम से एक से अधिक बार गेहूं बेचे जाने की आशंका है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि एक ही व्यक्ति ने विभिन्न एजेंसियों एवं मंडियों में कितनी बार गेहूं विक्रय करके अनुचित लाभ प्राप्त किया। 5500 संदिग्ध पंजीकरणों की जांच उच्च स्तरीय दल द्वारा की जा रही है, जिनमें से 803 पंजीकरण ऐसे पाए गए हैं जिनमें दो से अधिक बार गेहूं बेचा गया है।

राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (एनआईसी) जयपुर से प्राप्त जानकारी के आधार पर कुछ मामलों में विशेष फर्मों एवं आढ़तियों का संबंध सामने आने की संभावना है। ऐसे मामलों में भूमिधारकों के साथ-साथ संबंधित फर्मों की भूमिका की भी गहन जांच की जाएगी। उपखंड स्तर पर उपखंड अधिकारी, मंडी सचिव, गिरदावर, पटवारी एवं सूचना सहायक का संयुक्त दल जांच कर रहा है।

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