लखनऊ , अगस्त 14 -- नकली और अमानक दवाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने अमीनाबाद में दर्ज एक मुकदमे की जांच का दायरा बढ़ाने की सिफारिश की है। विभाग ने दो दवा कारोबारियों को विवेचना में शामिल कर उनके विरुद्ध अग्रिम कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया है।

औषधि निरीक्षक विवेक कुमार सिंह ने थाना अमीनाबाद में दर्ज मुकदमे की जांच में श्री राज राजेश्वर इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर बाल गोविंद तथा श्री बाँके बिहारी फार्मा के प्रोपराइटर रोहित चड्ढा को शामिल करने की संस्तुति की है।

विभागीय जांच के दौरान तीन अगस्त को दोनों फर्मों के मार्ज सॉफ्टवेयर और स्टॉक लेजर की जांच की गई। जांच में पाया गया कि श्री राज राजेश्वर इंटरप्राइजेज ने अमीनाबाद स्थित भारत फार्मा से केनाकोर्ट 40 एमजी वायल की बड़ी मात्रा में खरीद कर उसे बाँके बिहारी फार्मा को बेचा था।

जांच रिपोर्ट के अनुसार 25 अप्रैल 2025 को 1,440 वायल की खरीद भारत फार्मा से दिखाई गई, जिसे छह मई 2025 को बाँके बिहारी फार्मा को बेचा गया। इसी प्रकार 22 जून 2025 को 720 वायल की खरीद और उसी दिन बिक्री का रिकॉर्ड भी मिला। बाद में इन 720 वायल को डेबिट नोट के माध्यम से वापस लिया जाना दर्ज पाया गया।

विभागीय जांच में 3,600 केनाकोर्ट वायल का एक और संदिग्ध लेनदेन सामने आया। बाँके बिहारी फार्मा के सॉफ्टवेयर में इन वायल की खरीद राज राजेश्वर इंटरप्राइजेज से दर्शाई गई, लेकिन इसके समर्थन में कोई भौतिक बिल उपलब्ध नहीं कराया गया। विभाग के अनुसार फर्म संचालक रोहित चड्ढा ने 720 वायल के बिल की उपलब्धता की बात कही, जबकि 3,600 वायल का बिल बाद में उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। निर्धारित समय दिए जाने के बावजूद संबंधित अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए। दूसरी ओर बाल गोविंद ने 3,600 वायल की बिक्री से इनकार किया।

जांच में यह भी पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के स्टॉक लेजर में 720 वायल का शेष स्टॉक दर्ज था, जबकि अगले वित्तीय वर्ष में उसका ओपनिंग बैलेंस शून्य पाया गया। संबंधित औषधि का भौतिक स्टॉक भी उपलब्ध नहीं मिला, जिसके कारण नमूना लेकर परीक्षण कराना संभव नहीं हो सका।

विभाग ने इस पूरे लेनदेन को संदिग्ध मानते हुए फर्जी अथवा कूटरचित बिलिंग के माध्यम से दवाओं की खरीद, बिक्री और भंडारण की आशंका जताई है। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार 3,600 वायल की अनुमानित बाजार कीमत करीब 7.20 लाख रुपये है।

जांच में यह भी सामने आया कि मई 2025 से मार्च 2026 के बीच केनाकोर्ट की 5,616 वायल की खरीद-बिक्री में लागत मूल्य से कम दर पर बिक्री दर्शाई गई, जिससे लगभग 29 हजार रुपये का नुकसान दिखाया गया। विभाग ने इस तथ्य को भी संदिग्ध माना है।

उल्लेखनीय है कि भारत फार्मा, अमीनाबाद के संचालक देवेंद्र शुक्ला के विरुद्ध नकली दवाओं की खरीद-बिक्री और फर्जी बिलिंग के आरोप में अमीनाबाद थाने में 29 जुलाई 2026 को मुकदमा अपराध संख्या 0062/2026 पहले से दर्ज है। औषधि निरीक्षक ने विवेचना में सामने आए नए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर बाल गोविंद तथा रोहित चड्ढा की भूमिका की जांच कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की सुसंगत धाराओं के तहत आवश्यक कार्रवाई किए जाने की सिफारिश की है।

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