रायपुर , जुलाई 07 -- ) छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अमानवीय और गैरकानूनी बताते हुए आज भाजपा सरकार पर गरीबों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने कहा कि यदि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी।

राजीव भवन में सोमवार को पत्रकारों से चर्चा के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता धनेन्द्र साहू, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, शहर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार शंकर मेनन और ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राजेन्द्र पप्पू बंजारे ने संयुक्त रूप से सरकार की कार्रवाई की आलोचना की।

धनेन्द्र साहू ने आरोप लगाया कि बिना समुचित पुनर्वास और पूर्व चर्चा के बरसात के मौसम में गरीब परिवारों के मकानों पर बुलडोजर चलाया गया। उन्होंने दावा किया कि कार्रवाई में 85 मकान, जिनमें 25 से अधिक प्रधानमंत्री आवास भी शामिल हैं, ध्वस्त किए गए। उनका कहना था कि यदि जमीन अवैध थी तो वहां प्रधानमंत्री आवास, राशन कार्ड, आधार कार्ड और बिजली जैसी सुविधाएं कैसे उपलब्ध कराई गईं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से आगे भी गांव की अन्य भूमि खाली कराने की तैयारी की जा रही है, जिससे पूरे गांव में भय का माहौल है।

सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि सरकार नकटी में विधायक आवास निर्माण की योजना को लेकर विरोधाभासी बयान दे रही है। उन्होंने आवास एवं पर्यावरण विभाग के वर्ष 2024 के पत्र का हवाला देते हुए कहा कि उसमें जनप्रतिनिधियों के आवास के लिए भूमि अतिक्रमण मुक्त कराने का उल्लेख है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में नकटी में विधायक आवास निर्माण की कोई स्वीकृत योजना नहीं थी और न ही विस्थापन की प्रक्रिया शुरू की गई थी।

पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि किसी भी विस्थापन से पहले पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक था, लेकिन प्रभावित परिवारों को पर्याप्त समय और वैकल्पिक सुविधाएं दिए बिना उनके मकान तोड़े गए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन परिवारों का पुनर्वास किया गया है, वहां भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।

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