नयी दिल्ली , नवंबर 12 -- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कहा कि बीज हमारा मौलिक अधिकार इसलिए हमें नए और पुराने बीज की किस्मों में संतुलन करना होगा।
श्री चौहान ने आज यहां पौधा किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण (पीपीवीएफआरए) के स्थापना दिवस समारोह में कहा, " हमारे महान प्राचीन भारतवर्ष में अनेक फसल किस्में बरसों पुरानी रही है, जो पोषण के लिए बहुत उपयुक्त हैं, लेकिन वे धीरे धीरे विलुप्त होने की कगार पर थी। हमारे मेहनती किसानों ने इनमें से अनेक का संरक्षण किया है, इसके लिए उन्हें बहुत बहुत धन्यवाद और उनका अभिनंदन।"उन्होंने कहा , "बीज हमारा मौलिक अधिकार है, बीज के बिना खेती नहीं हो सकती। बीज की नई किस्में भी आ रही हैं, बीज बदलने का चक्र भी शुरू हो जाता हैं, ऐसे में यह बहस का विषय है कि बीज कब और कौन से बदले जाएं। इसके साथ ही हमें नए और पुराने बीज की किस्मों में संतुलन करना होगा।"केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि पौधा किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण अधिनियम, यह साधारण कानून नहीं है, किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए यह अत्यंत आवश्यक और महत्वपूर्ण कानून हैं। उन्होंने कहा कि इसके व्यापक पैमाने पर किसानों तक प्रचार-प्रसार की बहुत आवश्यकता है।उन्होंने छोटे किसानों और स्वदेशी ब्रीडर का मनोबल बनाए रखने के लिए भी काम करने की जरूरत के साथ नियमों के सरलीकरण तथा अन्य कानूनों के साथ इस अधिनियम का समन्वय करने पर जोर दिया।
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