पटना , सितंबर 10 -- टना नगर निगम की ओर से सभी संपत्तियों को कर के दायरे में लाने, वर्तमान संपत्तियों के कर निर्धारण का पुनर्मूल्यांकन करने तथा बकायेदारों से लंबित संपत्ति कर की प्रभावी संग्रहण सुनिश्चित करने के लिए प्राथमिकता पर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में नगर आयुक्त यशपाल मीणा की अध्यक्षता में गुरुवार को उप नगर आयुक्त सुशील कुमार एवं श्रीमती जया, राजस्व टीम, राजस्व पदाधिकारियों एवं मुख्यालय के सभी वरीय पदाधिकारियो के साथ बैठक आयोजित की हुई। बैठक में संपत्ति कर संग्रहण बढ़ाने तथा राजस्व के नए स्रोतों को मजबूत करने के लिए विस्तृत कार्य योजना पर चर्चा की गई।

नगर आयुक्त ने तीन विशेष टीमों का गठन करने तथा प्रत्येक टीम को निर्धारित लक्ष्य के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। इन टीमों द्वारा क्रमशः कर दायरे से बाहर की संपत्तियों का कर निर्धारण, पुरानी एवं वर्तमान संपत्तियों के कर निर्धारण का पुनर्मूल्यांकन तथा बड़े बकायेदारों से बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित की जाएगी। सभी टीमों को 15 दिनों के भीतर निर्धारित कार्य पूर्ण कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

पटना नगर निगम द्वारा कर दायरे से बाहर की संपत्तियों को चिह्नित कर उन्हें संपत्ति कर के दायरे में लाने की कार्रवाई तेज की जा रही है। इस क्रम में बिजली विभाग से प्राप्त बिजली उपभोक्ताओं के आंकड़ों के आधार पर संबंधित उपभोक्ताओं से संपर्क कर उनकी संपत्ति के कर निर्धारण से संबंधित जानकारी एकत्रित की जा रही है।

निगम को बिजली विभाग से लगभग 6 लाख उपभोक्ताओं की जानकारी प्राप्त हुई है। निगम के कंट्रोल रूप द्वारा बिजली उपभोक्ताओं से प्रतिदिन फोन के माध्यम से संपर्क कर यह जानकारी प्राप्त की जा रही है कि संबंधित संपत्ति का संपत्ति कर निर्धारित है अथवा नहीं। कर दायरे से बाहर पाई जाने वाली संपत्तियों का आवश्यक प्रक्रिया के तहत कर निर्धारण किया जाएगा।

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