नयी दिल्ली , अक्टूबर 11 -- कड़े नेशनल ट्रायल प्रोसेस से गुज़रने के बाद, भारतीय पहलवानों का एक नया ग्रुप लास वेगास में 12 अक्टूबर से शुरू होने वाली अंडर-23 वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपना दमखम दिखाने के लिए तैयार है, हालांकि वीज़ा में देरी के कारण टीम का साइज़ छोटा होने का खतरा बना हुआ है।

इस सीज़न में पास-पास होने वाले इंटरनेशनल इवेंट्स के लिए अलग-अलग टीमें उतारने की रेसलिंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया की सख़्त पॉलिसी के तहत - जिसे हाल ही में एशियन गेम्स और सीनियर वर्ल्ड ट्रायल्स के दौरान सख्ती से लागू किया गया था - फेडरेशन ने लास वेगास इवेंट के लिए पूरी तरह से नई टीम चुनी है। यह नियम टॉप एथलीट्स को सीनियर और एज-ग्रुप इवेंट्स में एक साथ हिस्सा लेने से रोकता है, जिससे घरेलू ट्रायल्स में जीतने वाले नए खिलाड़ियों के लिए रास्ता पूरी तरह खुल जाता है।

पुरुषों की फ्रीस्टाइल में रोहित (57 किग्रा), महिला रेसलिंग में स्वीटी (53 किग्रा) और ग्रीको-रोमन में विश्वजीत मोरे (55 किग्रा) की अगुवाई वाली इस टीम में कई ऐसे पहलवान शामिल हैं जो अपनी पिछली इंटरनेशनल सफलता को आगे बढ़ाना चाहते हैं। युवा खिलाड़ियों के इस ग्रुप के लिए, यह टूर्नामेंट सीनियर सर्किट में जाने के लिए एक अहम पड़ाव है।

हालांकि, फेडरेशन की योजनाओं के सामने एक एडमिनिस्ट्रेटिव रुकावट आ गई है। जहां पुरुषों की 10-सदस्यीय फ्रीस्टाइल टीम को यात्रा की मंज़ूरी मिल गई है, वहीं ग्रीको-रोमन और महिला रेसलिंग कैटेगरी के लिए फाइनल लाइनअप अभी भी अधर में लटका हुआ है, क्योंकि कई पहलवानों को अभी तक अपना यूएस वीज़ा क्लीयरेंस नहीं मिला है।

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