रायपुर , अक्टूबर 21 -- राष्ट्रीय राजधानी के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में 14 से 27 नवंबर तक आयोजित होने वाले 45वें भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला, संस्कृति और औद्योगिक विकास की झलक देखने को मिलेगी। मेले में छत्तीसगढ़ का भव्य पवेलियन तैयार किया जाएगा, जहां हस्तशिल्प, हर्बल उत्पादों, मिलेट, वनोपज और स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया जाएगा। इस वर्ष मेले की थीम 'विकास और विरासत' रखी गई है।

मेले की तैयारियों को लेकर बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकास शील की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य सचिव ने छत्तीसगढ़ पवेलियन के निर्माण, सुरक्षा, ब्रांडिंग और अन्य व्यवस्थाओं को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्पियों, स्व-सहायता समूहों और उद्यमियों को अपने उत्पाद राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।

कृषि एवं किसान कल्याण तथा उद्यानिकी विभाग को कोदो, कुटकी, रागी सहित प्रदेश के प्रमुख मिलेट उत्पादों और अन्य विशिष्ट कृषि उत्पादों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। वहीं, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को लघु वनोपज संघ के माध्यम से छत्तीसगढ़ के हर्बल उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री की समुचित व्यवस्था करने को कहा गया।

वाणिज्य एवं उद्योग विभाग को पवेलियन के नोडल विभाग के रूप में सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही नवीन औद्योगिक विकास नीति 2024-2030 और राज्य में उपलब्ध निवेश अवसरों एवं योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया गया।

पर्यटन विभाग प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों की जानकारी प्रदर्शित करेगा, जबकि संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ की लोककला और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करेगा।

बैठक में ग्रामोद्योग विभाग के अंतर्गत हथकरघा बुनकर सहकारी संघ और 'शबरी' के माध्यम से हस्तशिल्प एवं अन्य स्थानीय उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री की तैयारियों की समीक्षा की गई। इन व्यवस्थाओं के जरिए प्रदेश के कारीगरों, बुनकरों और स्थानीय उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रचार-प्रसार और विपणन का अवसर मिलेगा।

व्यापार मेले के दौरान छत्तीसगढ़ पवेलियन में आयोजित होने वाले राज्य दिवस के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अवसर पर प्रदेश के लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं को प्रदर्शित करेंगे। अधिकारियों को पवेलियन में प्रदेश की कला, संस्कृति, हस्तशिल्प और औद्योगिक विकास को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

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