टिहरी , अगस्त 29 -- उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिला मुख्यालय नई टिहरी में मेडिकल कॉलेज निर्माण की मांग को लेकर संयुक्त संघर्ष समिति का धरना शनिवार को 14वें दिन भी जारी रहा। वहीं मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर सत्याग्रही जीत राम भट्ट का सत्याग्रह 28वें दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में राज्य आंदोलनकारियों ने पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं राज्य आंदोलनकारी राकेश राणा ने कहा कि राज्य सरकार को नई टिहरी में मेडिकल कॉलेज निर्माण के मुद्दे पर राजनीति बंद कर जनभावनाओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को अपनी पूर्व घोषणा के अनुरूप जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू करना चाहिए। टिहरी के साथ उत्तरकाशी जिले का भी अधिकांश क्षेत्र नई टिहरी के नजदीक है। ऐसे में यहां मेडिकल कॉलेज बनने से पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी और पलायन रोकने में भी मदद मिलेगी।
सत्याग्रही भट्ट एवं राज्य आंदोलनकारी मंच के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सैयद मुशर्रफ अली ने कहा कि नई टिहरी में मेडिकल कॉलेज के लिए आवश्यक भूमि और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। जिला चिकित्सालय परिसर में 100 बेड का अस्पताल तैयार है। इसके अलावा पूर्व जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा चिन्हित करीब 72 हजार वर्गफुट भूमि उपलब्ध है, जिसमें लगभग 22 हजार वर्गफुट क्षेत्र में भवन एवं आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर पहले से निर्मित है। उन्होंने कहा कि जब मेडिकल कॉलेज के लिए पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं तो निर्माण में देरी का कोई औचित्य नहीं है।
उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के महासचिव किशन सिंह रावत एवं प्रवक्ता डॉ. विक्रम सिंह कठैत ने कहा कि टिहरी के विधायक एवं स्वास्थ्य मंत्री समेत सरकार में जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को आपसी मतभेद भुलाकर जनभावनाओं के अनुरूप निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र मेडिकल कॉलेज निर्माण को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष डॉ. राकेश भूषण गोदियाल एवं संरक्षक महिपाल सिंह ने कहा कि अब आंदोलन को व्यापक रूप देने का समय आ गया है। सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए नई टिहरी में मेडिकल कॉलेज निर्माण कार्य तत्काल शुरू करना चाहिए।
धरने में राकेश राणा, सैयद मुशर्रफ अली, किशन सिंह रावत, डॉ. विक्रम सिंह कठैत, देवेंद्र नौटियाल, हरेंद्र सिंह तोपवाल, शंभू सिंह भंडारी, बलबीर सिंह कोहली, सभासद नवीन सेमवाल सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी मौजूद रहे।
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