बैतूल , जुलाई 24 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा नव नियुक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को विभागीय योजनाओं एवं सेवाओं के प्रभावी संचालन के लिए जिला स्तरीय आठ दिवसीय इण्डक्शन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 19 जुलाई से शुरू हुआ यह प्रशिक्षण 26 जुलाई तक कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग के मीटिंग हॉल में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें जिले की 40 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भाग ले रही हैं।
प्रशिक्षण का उद्देश्य आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को विभागीय योजनाओं, समन्वय व्यवस्था, पोषण सेवाओं तथा हितग्राही आधारित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक व्यवहारिक एवं तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराना है।
प्रशिक्षण के दौरान परियोजना अधिकारी बैतूल ग्रामीण निर्मल सिंह ठाकूर आंगनवाड़ी केंद्रों और परियोजना स्तर पर समन्वय स्थापित करने तथा विभागीय कार्यों के प्रभावी संचालन संबंधी जानकारी दे रहे हैं। परियोजना अधिकारी चिचोली चयेन्द्र बुड़ेकर, परियोजना अधिकारी अर्चना तिवारी तथा प्रभारी परियोजना अधिकारी आठनेर रंजीता जोशी ब्लॉक स्तर पर समन्वय एवं पर्यवेक्षण से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं।
प्रभारी परियोजना अधिकारी स्नेहा यादव प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज एवं स्वीकृति संबंधी जानकारी दे रही हैं। वहीं पर्यवेक्षक श्वेता वालम्बे और भावना चौधरी लाड़ली लक्ष्मी योजना के हितग्राही पंजीयन, आवेदन प्रक्रिया तथा आवश्यक अभिलेखों के संबंध में प्रशिक्षण दे रही हैं।
इसके अलावा पर्यवेक्षक नम्रता सूर्यवंशी आंगनवाड़ी केंद्रों के प्रभावी संचालन और हितग्राही उन्मुख सेवाओं पर जानकारी साझा कर रही हैं। ब्लॉक समन्वयक विवेक भारद्वाज पोषण ट्रैकर के विभिन्न मॉड्यूल का प्रस्तुतीकरण एवं ऑनलाइन प्रदर्शन के माध्यम से प्रशिक्षण दे रहे हैं, जबकि ब्लॉक समन्वयक कालूराम पवार भी विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण सत्र संचालित कर रहे हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण से नई आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण तथा बाल विकास से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकेगा।
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