मिदनापुर , सितंबर 20 -- कांग्रेस के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव उम्मीदवार मिलन प्रधान जो 2007 के एक हत्या के मामले में पहले से ही न्यायिक हिरासत में हैं, उनके खिलाफ लगभग दो दशक पुराने एक अलग मामले में भी कानूनी कार्रवाई चल रही है।
नंदीग्राम पुलिस ने हल्दिया में एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में अर्ज़ी दी है जिसमें आठ जनवरी, 2007 को नंदीग्राम पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले में श्री प्रधान की गिरफ़्तारी दिखाने की इजाज़त मांगी गई है।
पुलिस की याचिका के अनुसार, नंदीग्राम के गंगरा निवासी 58 वर्षीय प्रधान को एक सितंबर को एक मामले में गिरफ़्तार किया गया था जो मामला आठ नवंबर, 2007 को नंदीग्राम पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ था।
उन्हें 19 सितंबर को हल्दिया की अदालत में पेश किया गया था और अभी वे हल्दिया सब-सुधार गृह में हैं। पुलिस ने बताया कि जनवरी 2007 के मामले में श्री प्रधान के खिलाफ पहले ही गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा चुका था।
चूंकि वह अभी दूसरे मामले में न्यायिक हिरासत में है इसलिए नंदीग्राम पुलिस ने वारंट वाले मामले में औपचारिक रूप से गिरफ्तारी दिखाने और न्यायालय से ज़रूरी आदेश की मांग की है।
यह याचिका नंदीग्राम पुलिस स्टेशन के एएसआई प्रदीप कुमार पांडा ने दायर की थी और प्रभारी इंस्पेक्टर ने इसे आगे बढ़ाया था। इसके साथ जमा किए गए दस्तावेज़ों में गिरफ्तारी का असली वारंट, गिरफ्तारी मेमो की एक कॉपी और जांच का मेमो शामिल हैं।
यह घटनाक्रम छह अक्टूबर को होने वाले नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले हुआ है जिसमें श्री प्रधान कांग्रेस उम्मीदवार हैं। पूर्वी मिदनापुर ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष शेख़ मतीन ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी पक्ष प्रधान को प्रचार करने से रोकने के लिए पुराने मामलों का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्री प्रधान की उम्मीदवारी ने सत्ताधारी दल को सक्रिय कर दिया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित