जालंधर , फरवरी 28 -- पंजाब में जालंधर के उपायुक्त डॉ हिमांशु अग्रवाल ने शनिवार को शहरी जनता की सुरक्षा और जानवरों के कल्याण की दिशा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

'सोसायटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स' (एसपीसीए) और 'एनिमल बर्थ कंट्रोल' (एबीसी) नियमों की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने बताया कि जिले में आवारा कुत्तों और बेसहारा पशुओं के प्रबंधन के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नंगल शामा में करीब 58 लाख रुपये की लागत से एक नया डॉग शेल्टर बनाया जाएगा। इसका निर्माण कार्य 31 मार्च 2026 से पहले शुरू हो जाएगा। इसका उदेश्य कुत्तों के काटने की घटनाओं को कम करना और आवारा कुत्तों को उचित चिकित्सा देखभाल एवं उपचार प्रदान करना।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि एनिमल बर्थ कंट्रोल प्रोग्राम के तहत शहर में आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए 'स्टेरलाइजेशन' अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केवल जनवरी महीने में ही 543 कुत्तों की स्टेरलाइजेशन की गयी। उन्होंने कहा कि वार्ड नंबर 10 और 11 में काम शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है, जबकि वार्ड आठ और नौ में 80 प्रतिशत काम संपन्न हो गया है। सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए करतारपुर में 3.5 करोड़ रुपये की लागत से एक विशाल गौशाला का निर्माण किया गया है। इस गौशाला में 300 पशुओं को रखने की क्षमता है। उन्होने कहा कि अब तक 80 से अधिक बेसहारा पशु यहां भेजे जा चुके हैं। अकेले जनवरी में शहर की सड़कों से 64 पशुओं को विभिन्न गौशालाओं में स्थानांतरित किया गया है।उपायुक्त ने बताया कि नगर निगम ने एक नया 'कैटल कैचर' (पशु पकड़ने वाला) वाहन भी खरीदा है, जिससे इस अभियान में तेजी आएगी। उन्होंने सभी एसडीएम को अपने क्षेत्रों में हाईवे पेट्रोल कमेटियों के गठन का निर्देश दिया है। ये कमेटियां उन संवेदनशील जगहों की पहचान करेंगी जहां बेसहारा पशुओं के कारण सड़क हादसे होते हैं। हादसों को रोकने के लिए विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगी ताकि तुरंत निवारक कदम उठाए जा सकें। प्रशासन ने बेसहारा पशुओं से संबंधित शिकायतों के लिए एक समर्पित व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9646222555 जारी किया है।

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