नंगल , मार्च 31 -- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को नंगल को आधुनिक बुनियादी ढांचे, कौशल विकास और पर्यटन का केंद्र बनाने की दिशा में 75 करोड़ रूपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी जिनमें उत्तर भारत का पहला ग्लास ब्रिज, 23 करोड़ की लागत से बनने वाला 'कैप्टन अमोल कालिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' और शिक्षा क्षेत्र में बड़े उन्नयन शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने शहीद कैप्टन अमोल कालिया के नाम पर बनने वाले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शिलान्यास किया। पचीस वर्ष की आयु में कारगिल युद्ध में शहादत देने वाले इस वीर सपूत की स्मृति में बनने वाला यह संस्थान 540 युवाओं को उद्योग-आधारित प्रशिक्षण देगा। यहां रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी, सोलर टेक्नीशियन और 3डी प्रिंटिंग जैसे आधुनिक कोर्स शुरू किए जाएंगे। साथ ही सिविल एविएशन, एयर होस्टेस ट्रेनिंग और ड्रोन टेक्नोलॉजी के पाठ्यक्रम भी सरकारी आईटीआई में उपलब्ध होंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में आईटीआई सीटों की संख्या 32,000 से बढ़ाकर 52,308 कर दी गई है और 814 नए उद्योग-उन्मुख कोर्स शुरू किए गए हैं। 34 आईटीआई विशेष रूप से लड़कियों के लिए संचालित हैं तथा अन्य आईटीआई में 30 प्रतिशत सीटें उनके लिए आरक्षित हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नंगल के शिवालिक पार्क स्थित झील पर 10 करोड़ रूपये की लागत से उत्तर भारत का पहला ग्लास ब्रिज बनाया जाएगा, जिसे छह माह में पूरा करने का लक्ष्य है। इसके अतिरिक्त डॉ. बी.आर. अंबेडकर स्कूल ऑफ एमिनेंस में 18 करोड़ रूपये की लागत से 500 सीटों का ऑडिटोरियम और चार मंजिला अकादमिक ब्लॉक बनाया जाएगा, जिसमें चार प्रयोगशालाएं और 12 कक्षाएं होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हित में 11,000 क्यूसेक अतिरिक्त पानी सुनिश्चित किया गया है, जो भाखड़ा नहर की क्षमता के बराबर है। उन्होंने बताया कि 6,900 किलोमीटर जलधाराओं का पुनर्जीवन किया गया है और पहली बार 1,444 गांवों तक नहरी पानी पहुंचा है। उन्होंने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व सरकारों के दौरान नशे का कारोबार फला-फूला और कई गंभीर घटनाएं हुईं। उन्होंने कहा कि जनता अब ईमानदार शासन और विकास के मॉडल को स्वीकार कर चुकी है।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और रोजगार के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' के तहत 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड दिए जा रहे हैं, जिनमें प्रत्येक परिवार को Rs.10 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। 'मांवां धियां सत्कार योजना' के तहत महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है।
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