भरतपुर , जून 29 -- राजस्थान के धौलपुर में मोहर्रम के बाद रविवार देर रात रियासतकालीन परंपरा के तहत निकाले गये ऐतिहासिक तीजा जुलूस को देखने एवं उसमें शरीक होने के लिए अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।

पैगम्बर हज़रत मोहम्मद के नवासे हज़रत इमाम हुसैन और उनके योद्धाओं की शहादत की याद में यह जुलूस पूरे धार्मिक श्रद्धा और परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। इसे देखने के लिए राजस्थान के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से भी हजारों श्रद्धालु धौलपुर पहुंचे। यह जुलूस देर रात शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ सोमवार तड़के कर्बला पहुंचा। यहां ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक (दफ़्न) किया गया।

इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए करीब एक दर्जन अखाड़ों के खिलाड़ियों ने हैरतअंगेज करतब दिखाये।

धौलपुर का ऐतिहासिक तीजा जुलूस रियासतकाल से चली आ रही एक पुरानी परंपरा का हिस्सा है। बताया जाता है कि इसकी शुरुआत तत्कालीन रियासतकाल में मुन्नू खां ठेकेदार के पूर्वजों ने की थी।

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