नयी दिल्ली , सितंबर 16 -- केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) के दिल्ली दक्षिण आयुक्त कार्यालय ने फर्जी चालान पर 15.78 करोड़ रुपये का आईटीसी लाभ लेने वाली एक कंपनी का भंडाफोड़ किया है।

केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि कार्यालय की आयकर चोरी रोकने वाली शाखा के अधिकारियों ने धोखाधड़ी से जुड़े इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) दावों के खिलाफ चल रहे अभियान के अंतर्गत लोहा और इस्पात की वस्तुओं के व्यापार में लगी एक कंपनी के पार्टनर को गिरफ्तार किया। यह मामला लगभग 87.67 करोड़ रुपये के फर्जी चालानों के जरिये 15.78 करोड़ रुपये से अधिक के अमान्य आईटीसी के धोखाधड़ी से लाभ, उपयोग और हस्तांतरण से जुड़ा है।

जांच में पता चला कि कंपनी ने कई फर्मों की ओर से जारी किए गए बिलों के आधार पर अमान्य आईटीसी का लाभ उठाया था। इनमें अस्तित्वहीन, निष्क्रिय, निलंबित या रद्द पाई गई कंपनियां शामिल हैं। जमीनी स्तर पर सत्यापन से पता चला कि कुछ आपूर्तिकर्ताओं की उनके घोषित व्यापारिक जगहों पर कोई वास्तविक कारोबारी गतिविधि ही नहीं थी।

जांच में यह भी सामने आया कि वास्तविक माल की प्राप्ति के बिना ही आईटीसी का लाभ उठाया गया था और माल से जुड़ी आपूर्ति के बिना जारी किए गए चालानों के माध्यम से इसे विभिन्न प्राप्तकर्ताओं को हस्तांतरित कर दिया गया था।

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