नयी दिल्ली , जून 18 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने कांग्रेस नेताओं की तुलना सम्मानित 'पंच प्यारे' से करने को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस के नेता धीरेंद्र प्रताप की आलोचना करते हुए कांग्रेस से बिना किसी शर्त के माफी मांगने और सिख गुरुओं तथा सिख परंपराओं को राजनीतिक प्रचार का साधन बनाना बंद करने की मांग की है।
श्री सिंह ने गुरुवार को सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि दसवें गुरू श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने पंज प्यारों की स्थापना सर्वोच्च समर्पण, साहस, धर्मनिष्ठा और धर्म की रक्षा के लिए किए गए निस्वार्थ बलिदान के प्रतीक के रूप में की थी। राजनीतिक नेताओं की तुलना पंज प्यारों से करना केवल राजनीतिक 'चाटुकारिता' के लिए सिख धर्म की सबसे पवित्र परंपराओं में से एक को तुच्छ बनाने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का सिख भावनाओं को आहत करने का एक लंबा इतिहास रहा है और इस प्रकार के बयान उसी दुर्भाग्यपूर्ण विरासत को और मजबूत करते हैं। कांग्रेस पार्टी को तत्काल बिना किसी शर्त के माफी मांगनी चाहिए और सिख गुरुओं तथा सिख परंपराओं को राजनीतिक प्रचार का साधन बनाना बंद करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि क्या कांग्रेस के पंजाब के नेता अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, प्रताप सिंह बाजवा और चरणजीत सिंह चन्नी इस आपत्तिजनक टिप्पणी की निंदा करेंगे और धीरेंद्र प्रताप से माफी की मांग करेंगे? या फिर सिख भावनाएं आहत होने पर भी मौन साधे रहेंगे?उन्होंने कहा कि आस्था कोई राजनीतिक उपकरण नहीं है। पंज प्यारों का स्थान राजनीतिक अवसरवाद, चाटुकारिता और दलगत नारों से कहीं ऊपर है। उनकी विरासत पवित्र है और उसे राजनीतिक थियेट्रिक का विषय नहीं बनाया जा सकता।
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