धार , अक्टूबर 30 -- मध्यप्रदेश के धार जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती और कारोबार के खिलाफ ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस ने अक्टूबर माह में बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 हजार 529 किलोग्राम गांजे के पौधे जब्त किए हैं। जब्त पौधों की अनुमानित कीमत करीब 15 करोड़ रुपये बताई गई है। कार्रवाई के दौरान एक दर्जन से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी कपास और तुअर की फसल के बीच गांजे की खेती कर रहे थे। दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में छिपाकर लगाए गए पौधों का पता लगाने के लिए पुलिस ने ड्रोन की मदद ली।

पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा के निर्देश पर की गई कार्रवाई में जिले की अब तक की सबसे बड़ी जब्ती सरदारपुर तहसील के राजगढ़ थाना क्षेत्र में हुई। यहां दो दिनों तक चली सर्चिंग के बाद पुलिस ने तीन हजार 695 किलोग्राम गांजे के पौधे जब्त किए थे, जिनकी अनुमानित कीमत चार करोड़ 43 लाख रुपये बताई गई। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर के अनुसार, अक्टूबर माह की मासिक समीक्षा बैठक में सभी थाना और चौकी प्रभारियों, एसडीओपी तथा सीएसपी को अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद मनावर पुलिस ने अभियान के तहत कार्रवाई शुरू की। थाना प्रभारी राजेश यादव के नेतृत्व में 29 अक्टूबर तक छह प्रकरण दर्ज किए जा चुके थे। शुक्रवार को भी पुलिस ने बड़ी मात्रा में गांजे के पौधे जब्त किए। वहीं गंधवानी थाना प्रभारी प्रदीप खन्ना की टीम ने ग्राम बोडदा और कोटा में दबिश देकर एक हजार किलोग्राम से अधिक गांजे के पौधे जब्त किए। इसके अलावा तिरला, टांडा, धामनोद, बाग, डही, राजोद और सरदारपुर सहित अन्य थाना क्षेत्रों में भी कार्रवाई की गई।

श्री डावर ने बताया कि पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में कपास व तुअर की फसल के बीच गांजे के पौधे छिपाकर लगाए गए थे। कुछ पौधे आठ फीट तक ऊंचे हो चुके थे। घनी फसलों और दुर्गम रास्तों के कारण पुलिस टीमों को ठिकानों तक पहुंचने में कठिनाई हुई। इसके बाद ड्रोन की मदद से संदिग्ध स्थानों की लोकेशन चिह्नित की गई। पौधों को काटने, उनका वजन करने और संख्या दर्ज करने में भी पुलिस टीमों को काफी समय लगा।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कुछ आरोपियों ने वन क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर अतिक्रमण किया और कपास व तुअर की फसल के बीच गांजे की खेती की। पुलिस आरोपियों के रिश्तेदारों, सहयोगियों और इस अवैध कारोबार से जुड़े संभावित बड़े नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। अन्य संलिप्त लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

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