धार , जनवरी 13 -- ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में मंगलवार को हवन, पूजन और सत्याग्रह के उपरांत सुंदरकांड का पाठ किया गया। बसंत पंचमी निकट होने के कारण इस अवसर पर बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग उपस्थित हुए। सत्याग्रह में विशेष रूप से उज्जैन से महाराज अवधैश दास जी पहुंचे, जिन्होंने संपूर्ण स्थल का भ्रमण कर पूजन में भाग लिया।
भोज उत्सव समिति के महाप्रबंधक हेमंत दौराया ने बसंत पंचमी आयोजन को लेकर अधिक से अधिक संख्या में भोजशाला पहुंचने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि 15 जनवरी को हल्दी-कुमकुम का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 17 जनवरी को पीजी कॉलेज ग्राउंड से वाहन रैली निकाली जाएगी, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी। 18 जनवरी को धारेश्वर से बाल मनुहार यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बच्चे समाज को प्रेरित करेंगे। वहीं 21 जनवरी को मातृ शक्ति कलश यात्रा का आयोजन किया जाएगा।
उज्जैन से पहुंचे महाराज अवधैश दास ने कहा कि भोजशाला मां वाग्देवी, मां सरस्वती का मंदिर है और प्राचीन काल में यह हमारी संस्कृति की पाठशाला रही है, जिसने विश्व को ज्ञान, अध्यात्म और संस्कारों का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अयोध्या को संघर्ष के बाद प्राप्त किया गया, उसी प्रकार मध्यप्रदेश की अयोध्या कही जाने वाली भोजशाला पर भी शीघ्र ही अधिकार होगा। इसके लिए समस्त हिंदू समाज को जातिवाद से ऊपर उठकर एकजुट होना होगा।
सत्याग्रह में शामिल उज्जैन की डॉ. विद्याश्री पुरी ने कहा कि भोजशाला में अखंड ज्योत जलाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बाहर जहां अखंड ज्योत जल रही है, उसे अब भीतर स्थापित किया जाना चाहिए। यदि यहां 24 घंटे अखंड ज्योत प्रज्वलित रहेगी, तो नकारात्मकता समाप्त होगी और मां का शीघ्र आगमन होगा। उन्होंने कहा कि जैसे मां को आने के लिए राक्षसों का संहार करना पड़ा, वैसे ही यहां की गलत सोच का अंत होना चाहिए।
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