धाराशिव , सितंबर 06 -- महाराष्ट्र की राष्ट्रीय स्तर की महिला पहलवान अश्विनी पॉल के अपने तीन मासूम बच्चों के साथ नलदुर्ग किले से कूदने की हृदयविदारक घटना में गंभीर रूप से घायल उनकी तीन वर्षीय बेटी वीरा की भी मौत हो जाने से इस दुखद हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर चार हो गई है।

उल्लेखनीय है कि दो दिन पूर्व नलदुर्ग किले के उपली बुर्ज से अश्विनी पॉल ने अपने साढ़े पांच वर्षीय बेटे अजिंक्य और ढाई-तीन वर्षीय दो जुड़वां बेटियों (क्रांति और वीरा) के साथ लगभग 100 फीट गहरी खाई में छलांग लगा दी थी। घटना में बेटे अजिंक्य की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल हुई बेटी क्रांति ने इलाज के दौरान पहले ही दम तोड़ दिया था। अश्विनी, अजिंक्य और क्रांति का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया था। वहीं, आईसीयू में जीवन और मृत्यु से जूझ रही दूसरी बेटी वीरा की भी डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद मौत हो गई।

अश्विनी पॉल राष्ट्रीय स्तर की पहलवान थीं, जिन्होंने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण और रजत पदक जीते थे। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, वे पिछले कई वर्षों से अपने ससुराल वालों की ओर से कथित शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का सामना कर रही थीं। उनके पति मनोहर भी पहलवान हैं और पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे थे। ससुराल में जारी प्रताड़ना के कारण अश्विनी पिछले तीन महीनों से अपने मायके में रह रही थीं। उनके पिता का आरोप है कि इस निरंतर उत्पीड़न से तंग आकर ही उन्होंने यह घातक कदम उठाया।

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