मुंबई , अप्रैल 25 -- लंबे समय से प्रतीक्षित धारावी पुनर्विकास परियोजना का इंतजार कर रहे निवासियों के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एक बड़े नीतिगत बदलाव का प्रस्ताव दिया है। धारावी में इमारतों, चालों और पंजीकृत हाउसिंग सोसायटियों में रहने वाले गैर-झुग्गी निवासियों को अब पुनर्वास योजना के तहत न्यूनतम 500 वर्ग फुट के घर मिल सकेंगे।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान इस प्रस्ताव पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य धारावी के गैर-झुग्गी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में सुधार करना है। धारावी, जो एशिया की सबसे बड़ी अनौपचारिक बस्तियों में से एक है, में झुग्गियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में चालें और रिहायशी इमारतें भी शामिल हैं।

अब तक, पुनर्वास योजनाओं के तहत पात्र निवासी केवल 300 वर्ग फुट के घरों के हकदार थे। नए प्रस्ताव के अनुसार, पात्र निवासियों को न्यूनतम 370 वर्ग फुट का कारपेट एरिया मिलेगा, साथ ही 35 प्रतिशत 'फंजिबल स्पेस' दिया जाएगा, जिससे कुल क्षेत्रफल लगभग 500 वर्ग फुट हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, निवासी अपने वर्तमान कालीन क्षेत्र के बराबर पुनर्वास इकाई के हकदार होंगे, जिसकी अधिकतम सीमा 70 वर्ग मीटर (लगभग 753 वर्ग फुट) तय की गई है। फंजिबल स्पेस एक अतिरिक्त निर्माण क्षेत्र है, जिसे कुछ नियमों के तहत मुख्य आवंटित क्षेत्र के ऊपर बनाने की अनुमति होती है।

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