देहरादून , अक्टूबर 12 -- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण सभागार में हुई। जिसमें राज्य के समग्र विकास, आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशासनिक सुधारों तथा युवाओं के हित में विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर अनुमोदन प्रदान किया गया।

इससे पहले मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने मां गंगा का पूजन कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की।

कैबिनेट बैठक शुरू होते ही सबसे पहले श्री मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव में उन इन 25 वर्षों के सेवाकाल को सेवा, सुशासन, समर्पण और 'राष्ट्र प्रथम' के संकल्प की यात्रा बताया हुआ।

कैबिनेट ने इसके बाद उत्तराखंड के प्रति प्रधानमंत्री के विशेष लगाव, विकास कार्यों और आपदा के समय निरंतर सहयोग के लिए आभार जताया। श्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में 2.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की अवस्थापना परियोजनाओं पर कार्य हो रहा है। साथ ही, कैबिनेट ने राज्य की विशिष्ट पर्वतीय, सीमावर्ती एवं सामरिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भविष्य में भी विकास संबंधी प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं के अनुरूप केंद्र सरकार से निरंतर सहयोग की अपेक्षा भी व्यक्त की।

मुख्यमंत्री के अपर सचिव और महानिदेशक सूचना एवं लोक सम्पर्क बंशीधर तिवारी ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि कुल 13 बिन्दुओं पर निर्णय किये गए हैं। जिनमें केन्द्र सरकार और प्रधानमंत्री के पार्टी राज्य के विकास में दिए जा रहे सहयोग के लिए धन्यवाद प्रस्ताव भी शामिल है। उन्होंने बताया कि कैबिनेट सदस्यों ने हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के समग्र विकास एवं विस्तार के लिए सोसायटी के गठन को सैद्धांतिक अनुमोदन प्रदान किया। संस्थान को योग एवं ध्यान केंद्र, आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान केंद्र, ज्योतिष एवं प्राच्य अध्ययन केंद्र, ललित कला केंद्र, हिन्दू अध्ययन एवं दर्शन केंद्र तथा आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राचीन विज्ञान, संस्कृति एवं आधुनिक शोध को बढ़ावा देना है।

मंत्रिमंडल ने उत्तराखण्ड निवेश और आधारिक संरचना विकास से संबंधित अधिनियम की अनुसूची में संशोधन को मंजूरी दे दी। इसके अंतर्गत सार्वजनिक अभिकरणों, स्थानीय निकायों, राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों तथा वित्तीय रूप से स्वायत्त संस्थाओं की परिसंपत्तियों के विनिवेश एवं मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को प्रदान किए जाने का प्रावधान किया गया है। इससे परिसंपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और आधारभूत ढांचा विकास को गति देने में सहायता मिलेगी। इसके साथ द्वितीय उत्तराखण्ड जन विश्वास संशोधन विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई है। इतना ही नहीं उत्तराखण्ड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को भी मंजूरी प्रदान की गई है।

श्री तिवारी ने बताया कि कैबिनेट ने उत्तराखण्ड की पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने की मंजूरी दे दी है। सत्र की तिथि एवं स्थान निर्धारित करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया। उत्तराखण्ड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई। उन्होंने बताया कि यह विधेयक भारत सरकार के मॉडल फायर सर्विस बिल, 2019 के अनुरूप तैयार किया गया है। इसके अंतर्गत भविष्य में बढ़ते औद्योगिक विकास, नगरीकरण, आपदाओं तथा संभावित अग्नि दुर्घटनाओं की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए वर्तमान अग्निशमन संबंधी अधिनियम को पुनरीक्षित कर नया कानून लाने का प्रस्ताव है।

कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए समूह 'ग' के वर्दीधारी पदों पर भर्ती संबंधी नई नियमावली को मंजूरी देने का भी लिया। जिसमे राज्याधीन सेवाओं में समूह 'ग' के सीधी भर्ती के वर्दीधारी पदों पर सेवामुक्त अग्निवीरों के सेवायोजन के लिए क्षैतिज आरक्षण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई। नई नियमावली में लिखित परीक्षा एवं शारीरिक मानक परीक्षा में छूट प्रदान की गई है। इसके अलावा संस्कृति विभाग में वित्तीय अधिकारों से संबंधित व्यवस्था में संशोधन को मंजूरी भी प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री के अपर सचिव ने बताया कि कैबिनेट ने स्वजल एवं राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 215 पदों की निरंतरता को मंजूरी प्रदान की है। इनमें स्वजल के 189 तथा राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 26 पद शामिल हैं। संबंधित कार्मिकों को पूर्व की भांति वेतन एवं मानदेय का भुगतान राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन द्वारा किया जाएगा। हरिद्वार में किफायती आवासीय परियोजना के पहुंच मार्ग की चौड़ाई में शिथिलता को मंजूरी भी कैबिनेट बैठक में दी गई है। जबकि ऊधमसिंह नगर जिला में भू-उपयोग परिवर्तन संबंधी शासनादेश में खसरा संख्या की त्रुटि सुधार को मंजूरी दे दी गई।

श्री तिवारी ने बताया कि कैबिनेट ने राज्य के साहसी एवं बहादुर बच्चों को सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के अंतर्गत विपरीत परिस्थितियों में धैर्यपूर्वक कार्य करने, असाधारण साहस, पराक्रम, मानवीय संवेदना एवं वीरता का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। योजना का उद्देश्य ऐसे बच्चों को प्रोत्साहित करने के साथ अन्य बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत बनाना है।

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