नैनीताल , अप्रैल 06 -- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विधानसभा चंपावत के कफरा में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के उच्चीकरण का मामला लंबे समय से शासन में लंबित होने के कारण उच्च न्यायालय पहुंच गया है। उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से दो सप्ताह में स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिये हैं।
इस मामले को स्थानीय निवासी रणजीत सिंह बोरा की ओर से एक जनहित याचिका के माध्यम से चुनौती दी गयी है। इस प्रकरण पर सोमवार को मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में सुनवाई हुई।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता प्रभाकर जोशी और भूपेश बिष्ट की ओर से कहा गया कि कफरा चंपावत जिले का सुूदूर ग्रामीण क्षेत्र है। यहां 16 किमी के दायरे में एकमात्र राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मौजूद है।
हाईस्कूल उत्तीर्ण करने के बाद यहां के लगभग 15 गांवों के छात्र-छात्राओं को आगे की शिक्षा के लिये भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। यहां एक भी इंटर कालेज मौजूद नहीं है। यहां की जनता वर्षों से इस विद्यालय के उच्चीकरण की मांग करती आ रही है।
यह भी कहा गया कि ग्रामीणों की ओर से प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। शासन भी इस मामले में अपनी मौखिक सहमति दे चुका है लेकिन अभी तक अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका है। अभी भी यह मामला शासन में लंबित है।
अंत में खंडपीठ ने सरकार से दो सप्ताह में स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। सरकार को बताना है कि इस मामले में शासन की ओर से क्या निर्णय लिया गया है।
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