यमुनानगर , अक्टूबर 14 -- हरियाणा में यमुनानगर की मंडी में धान बिक्री को लेकर आ रही समस्याओं से नाराज किसानों ने आज संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले जिला सचिवालय के सामने स्थित मंडी सचिव, जगाधरी के कार्यालय का घेराव कर तालाबंदी की।
यह घेराव पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न दो बजे तक चला। धरना-प्रदर्शन की संयुक्त अध्यक्षता हरपाल सिंह सुहैल, नायब सिंह और विजय पाल ने की। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार ने एक अक्टूबर से धान खरीद शुरू करने का वादा किया था, लेकिन खरीद की रफ्तार बेहद धीमी है। पोर्टल पर फसल रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन ने किसानों को बुरी तरह परेशान कर रखा है।
किसानों ने बताया कि कई किसानों की फसल का रजिस्ट्रेशन गलत हो रखा है। कुछ किसानों की फसल को अन्य व्यक्तियों ने पोर्टल पर दर्ज कर दिया है और दिया गया फोन नंबर स्विच ऑफ आ रहा है। कई किसानों की फसल ज्यादा एकड़ में है, लेकिन पोर्टल पर कम दिखाई दे रही है। इसके अलावा एक एकड़ पर 27 क्विंटल की सीमा लगा दी गई है, जिससे किसान अपनी पूरी फसल नहीं बेच पा रहा है। नमी मापने वाली मशीनें अलग-अलग मॉइस्चर दिखा रही हैं, जिससे 100 से 300 रुपये प्रति क्विंटल तक का नुकसान हो रहा है। साथ ही हैफेड और वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन भी आधे-अधूरे मन से खरीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और राइस मिलर्स के बीच समझौता न होने से उठान की समस्या बनी हुई है। आढ़तियों ने धान बोरियों में भरकर लगा दिया है, जिससे मंडी अटी पड़ी है और जगह की कमी हो गई है।
किसान नेताओं ने कहा कि पंजाब में बिना किसी पोर्टल के खरीद हो रही है, किसान आता है और फसल बेचकर चला जाता है। हरियाणा में ऐसा लग रहा है जैसे सरकार बदले की भावना से काम कर रही है। संयुक्त किसान मोर्चा ने मांग की कि यह पोर्टल व्यवस्था खत्म की जाए।
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