रायपुर , मार्च 10 -- छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को धान भंडारण और उसकी सुरक्षा को लेकर सदन में हंगामा हुआ। धान खरीदी केंद्रों में चूहों द्वारा बड़े पैमाने पर धान नुकसान होने के मुद्दे को लेकर विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव पेश किया, जिसे आसंदी द्वारा स्वीकार नहीं किए जाने पर विपक्षी सदस्यों ने जोरदार हंगामा हो गया।

प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने धान खरीदी समितियों में रखे धान को चूहों द्वारा नुकसान पहुंचाने का मुद्दा उठाते हुए सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि भंडारण व्यवस्था में गंभीर खामियों के कारण हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

उन्होंने इसे प्रशासनिक लापरवाही और कुप्रबंधन का परिणाम बताया।

वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि धान की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सरकार विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि गलत नीतियों और कमजोर प्रबंधन के कारण राज्य को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है।

स्थगन प्रस्ताव खारिज किए जाने के बाद विपक्षी सदस्यों ने सदन के भीतर नारेबाजी शुरू कर दी और विरोध जताते हुए सदन के बीचोंबीच पहुंच गए। नियमों के तहत इस कार्रवाई के चलते वे स्वतः निलंबित हो गए।

इसके बाद कांग्रेस के विधायक और नेता सदन परिसर में भी विरोध प्रदर्शन करते नजर आए। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धान भंडारण में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। सदन में इस मुद्दे को लेकर माहौल देर तक गरमाया रहा।

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