केशकाल/कोंडागांव, जनवरी 31 -- आम आदमी पार्टी (आप) ने आज यहां किसानों की धान खरीद को लेकर हो रही कथित अनियमितताओं और देरी के विरोध में जबरदस्त धरना-प्रदर्शन एवं चक्का जाम का आयोजन किया। पार्टी के प्रदेश नेताओं ने छत्तीसगढ़ सरकार पर किसानों को जानबूझकर प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने का गंभीर आरोप लगाया।
पार्टी के जिला अध्यक्ष सुकु राम नाग की अगुवाई में शनिवार को हुए इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं और स्थानीय किसानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पार्टी नेताओं ने अपने भाषणों में कहा कि सरकार ने धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू करने का ऐलान किया था, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट रही। कई प्राथमिक सहकारी समितियों में खरीदारी 25 नवंबर के बाद भी शुरू नहीं हो सकी। अब सरकार 31 जनवरी को ही खरीद बंद करने पर तुली है, जबकि लाखों किसान अभी भी अपनी फसल बेचने की प्रतीक्षा में हैं।
आरोप है कि सरकारी मशीनरी 'भौतिक सत्यापन' के नाम पर किसानों को परेशान कर रही है और जानबूझकर कम टोकन जारी कर रही है। छोटे किसानों को एक, मध्यम को दो और बड़े किसानों को केवल तीन टोकन दिए जाने का मामला उठाया गया। इससे किसान अपनी पूरी फसल नहीं बेच पा रहे हैं। पार्टी का दावा है कि एग्रीस्टेक पोर्टल की खामियों का हवाला देकर पहले ही लाखों एकड़ रकबा खरीदी सूची से काट दिया गया है, जिससे अनुमानित 15 प्रतिशत किसान इस सीजन में धान बेचने से वंचित रह जाएंगे।
प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने सरकार को चेतावनी देते हुए चार मांगें रखीं: किसानों से जबरन रकबा समर्पण कराना बंद किया जाए, टोकन जारी करने में पारदर्शिता लाई जाए, भौतिक सत्यापन के नाम पर हो रहे उत्पीड़न को रोका जाए और धान खरीदी की अंतिम तिथि 28 फरवरी तक बढ़ाई जाए।
आम आदमी पार्टी ने साफ किया कि यदि इन मांगों पर 28 फरवरी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वह प्रदेश भर में आंदोलन को और तेज करेगी। इस प्रदर्शन के जरिए पार्टी ने सरकार के 'किसान हितैषी' दावों की पोल खोलने और ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश की है।
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