तिरुवनंतपुरम , फरवरी 09 -- केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने धान उत्पादन में वृद्धि को सरकारी खजाने पर बोझ बताने के लिए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ऐसा रुख किसानों के लिए एक खुली चुनौती है और राज्य के प्रति शत्रुता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र ने मांग की है कि केरल सरकार धान किसानों को दिये जाने वाले अतिरिक्त प्रोत्साहन बोनस को वापस ले। केंद्र का तर्क है कि उत्पादन आवश्यकता से अधिक हो गया है और खरीद लागत सरकारी खजाने पर अनुचित बोझ डालेगी। उन्होंने कहा कि यह रुख आधिकारिक तौर पर केंद्रीय वित्त मंत्रालय के व्यय सचिव द्वारा सूचित किया गया है और इस निर्णय का पत्र राज्य के मुख्य सचिव को प्राप्त हो गया है।
श्री विजयन ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार केंद्र द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के ऊपर बोनस देकर धान किसानों को सहायता प्रदान करती है। उन्होंने सवाल उठाया कि यह कल्याणकारी उपाय केंद्र सरकार के लिए चिंता का कारण क्यों होना चाहिए। उन्होंने बताया कि केरल वर्तमान में किसानों को उचित लाभ सुनिश्चित करने के लिए धान खरीद पर प्रति किलोग्राम 6.31 रुपये की अतिरिक्त राशि प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार, जो हजारों करोड़ रुपये के कॉर्पोरेट ऋण माफ करने में संकोच नहीं करती है, अब धान किसानों को दिये जाने वाले तुलनात्मक रूप से छोटे बोनस को एक बड़ी वित्तीय देनदारी के रूप में पेश कर रही है।
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