राजनांदगांव , मई 15 -- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के सेवा सहकारी समिति मोहारा में अवैध धान परिवहन और गबन का एक बड़ा मामला सामने आया है। प्रशासन ने आकस्मिक जांच में 995.68 क्विंटल धान की हेराफेरी पायी है। जिसकी कुल कीमत 30 लाख 86 हजार 608 रुपये आंकी गई है। इस मामले में केंद्र प्रभारी सहित तीन लोगों के खिलाफ पुलिस में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराई है।

अवैध धान परिवहन की सूचना मिलने पर सहायक खाद्य अधिकारी द्रोण कामड़े एवं तहसीलदार डोंगरगढ़ अमीय श्रीवास्तव एवं अतिरिक्त तहसीलदार सोनित मेरिया ने मोहारा केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केंद्र प्रभारी संतोष वर्मा अनुपस्थित पाए गए। जांच दल ने मौके पर वाहन को पकड़ा। वाहन चालक सुंदरलाल साहू ने बताया कि वह खैरी निवासी राजू वर्मा के निर्देश पर बिना किसी वैध दस्तावेज के समिति से धान लोड कर अवैध परिवहन कर रहा था। विभागीय आंकड़ों के मिलान से पता चला कि समिति ने कुल खरीदे गए धान में से 995.68 क्विंटल धान को कम परिदान (डिलीवरी) करते हुए उसे सूखत बता दिया था। वास्तव में इस धान को फर्जी तरीके से बचाकर अवैध रूप से बेचा जा रहा था। केंद्र प्रभारी और कर्मचारियों द्वारा निजी लाभ के लिए कस्टम मिलिंग नीति 2025-26 का उल्लंघन किया गया और शासन को 30.86 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक क्षति पहुंचाई गई।

जांच प्रतिवेदन के आधार पर प्रभारी धान उपार्जन केंद्र मोहारा संतोष वर्मा, कम्प्यूटर ऑपरेटर वेद प्रकाश साहू एवं ग्राम खैरी निवासी अनाधिकृत खरीदार राजू वर्मा के विरूद्ध थाने में मामला दर्ज किया गया है। शासन की नीति के विरूद्ध कार्य करने वाले और धान की अफरा-तफरी में संलिप्त किसी भी कर्मचारी या व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

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