देहरादून , जून 08 -- राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने सोमवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग करने और शिक्षा एवं रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर देहरादून में सचिवालय कूच किया। पुलिस ने मार्च को बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया और प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन का प्रयोग किया। इस दौरान सैकड़ों छात्र-युवा और संगठन के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।

एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्व तथा प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी की अगुवाई में कांग्रेस भवन से निकाले गए मार्च में बड़ी संख्या में छात्र-युवा शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा, रोजगार और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के खिलाफ नारेबाजी की।

श्री जाखड़ ने सभा को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक, एनटीए की विफलताओं तथा विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं से छात्रों का भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने एनटीए को भंग कर पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, सरकारी शिक्षण संस्थानों में रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति, शिक्षा के बढ़ते निजीकरण पर रोक, बेरोजगारी की समस्या के समाधान तथा उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने के लिए प्रभावी नीति लागू करने की मांग उठाई।

कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, डॉ. हरक सिंह रावत समेत कई नेताओं ने छात्रों को संबोधित किया।

एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से उठाई जा रही युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

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