रायपुर , अगस्त 08 -- छत्तीसगढ़ में क्रिश्चन फोरम के अध्यक्ष अरुण पन्नालाल की भगवान शिव पर कथित अभद्र टिप्पणी के मामले में गिरफ्तारी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

पूर्व मंत्री एवं विधायक अजय चंद्राकर ने गिरफ्तारी को महज एक घटना बताते हुए अरुण पन्नालाल पर छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के बड़े रैकेट का सरगना होने का आरोप लगाया और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

श्री अजय चंद्राकर ने कहा कि अरुण पन्नालाल खुद कब धर्मांतरित हुए, उन्हें कितने संस्थाओं से पैसे मिले, उस धन का उपयोग कहां हुआ और उनकी आजीविका कैसे चल रही है, इन सभी पहलुओं की प्रशासन को जांच करनी चाहिए। उन्होंने पन्नालाल को विदेशी फंडिंग का यहां का सरगना बताते हुए कहा कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।

कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने अरुण पन्नालाल की गिरफ्तारी को लेकर भाजपा और हिंदू संगठनों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बजरंग दल और आरएसएस के लोग माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस इसकी निंदा करती है। सरकार के लोगों को इस पर आत्म अवलोकन करना चाहिए। धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को लेकर लोगों को उकसाकर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान सभी लोगों का है और यहां संत-महात्माओं का आदर है।

कांग्रेस के प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद पार्टी हाईकमान द्वारा जिलाध्यक्षों की रैंकिंग किए जाने की चर्चा पर भी अजय चंद्राकर ने कांग्रेस नेतृत्व पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के पास अभी समय नहीं हैं। वो सोशल मीडिया में पेट्रोलियम गाड़ी का ढक्कन खोलने, बंद करने में व्यस्त हैं, ऐसे में रैंकिंग के लिए समय कहां होगा।

उन्होंने कांग्रेस जिलाध्यक्षों की रैंकिंग को फर्जी समाचार बताते हुए कहा कि कांग्रेस के पास ना कार्यकम है, ना उद्देश्य है, और ना ही विजन है। उनके अनुसार पार्टी अपने पुराने कैडर को व्यस्त रखने के लिए इस तरह की गतिविधियां करती रहती है।

इस पर पलटवार करते हुए सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि अजय चंद्राकर की आंखों में चाटुकारिता की पट्टी बंधी है। उन्होंने कहा कि भाजपा में दूध में मक्खी की तरह निकाले दिए गए हैं अजय चंद्राकर और वे उललू-जुलूल बातें करते हैं। शुक्ला ने कहा कि ई20 पेट्रोल का मुद्दा आमजनता की समस्या है, लेकिन अजय चंद्राकर को यह खराब लग रहा है।

उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में रहने के कारण भाजपा को कैडर बेस पार्टी कहा जाता रहा है, लेकिन अब उसमें कैडर ही नहीं बचा है।

रायपुर में लागू की गई कमिश्नरेट प्रणाली को लेकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा लिखे गए पत्र पर भी अजय चंद्राकर ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि उन्होंने सांसद का पत्र पढ़ा है और नई व्यवस्था को व्यवस्थित होने में समय लगेगा। उनका कहना था कि रायपुर को टुकड़ों में नहीं बांटना चाहिए और कमिश्नर प्रणाली के अंतर्गत पूरे शहर को रखा जाना चाहिए।

वहीं, सुशील आनंद शुक्ला ने कमिश्नरेट प्रणाली को राज्य सरकार की विफलता की उपज करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद अपराध बढ़े हैं और पुलिस ने एफआईआर लिखना बंद कर दिया है। उनके अनुसार कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद अपराधों पर अंकुश नहीं लगा है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस दोनों ही नेताओं से सहमत है और कमिश्नरेट लागू होने के बाद सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आए हैं।

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