रायपुर , मार्च 20 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर शुक्रवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। श्री ठाकुर ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में राज्य में धर्मांतरण की गतिविधियों को खुला संरक्षण मिला।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के शासनकाल (2018-2023) में विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों में धर्मांतरण तेजी से बढ़ा। उनका दावा है कि उस दौरान धर्मांतरण कराने वाले लोग खुले तौर पर इसे अपना अधिकार बताते थे और प्रशासनिक स्तर पर उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार द्वारा लाया गया धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस कानून के तहत जबरदस्ती, भय या लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
भाजपा प्रवक्ता ने पुराने घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2021 में सुकमा के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (एसपी) द्वारा धर्मांतरण के मुद्दे पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए थे, वहीं 2022 में तत्कालीन गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने भी अपने समाज के लोगों को धर्मांतरण से बचने की सलाह दी थी। इसके बावजूद कांग्रेस ने इन मामलों को गंभीरता से नहीं लिया।
उन्होंने नारायणपुर की एक घटना का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उस समय बड़ी संख्या में लोगों द्वारा आदिवासी समाज पर हमला किया गया, लेकिन कार्रवाई के नाम पर उल्टा आदिवासी समाज के लोगों पर ही केस दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि धर्मांतरण के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर कार्रवाई क्यों की गई और कथित तौर पर संविधान विरोधी बयान देने वालों पर सख्ती क्यों नहीं बरती गई। ठाकुर ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने और मिशनरियों को समर्थन देने का आरोप भी लगाया।
श्री ठाकुर ने कहा कि इन सभी सवालों का जवाब कांग्रेस नेतृत्व को राज्य की जनता, खासकर जनजातीय समाज के सामने देना चाहिए।
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