गोरखपुर , मार्च 30 -- उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास तथा राजनीतिक पेंशन विभाग के मंंत्री धर्मपाल सिंह ने सोमवार को गौशालाओं में निराश्रित गोवंश के समुचित रख.रखाव, भूसा एवं चारे की उपलब्धता, पेयजल व्यवस्था तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गहन समीक्षा की।

मंत्री ने बैठक में सभी उप जिला अधिकारियों को गोचर भूमि के अवैध कब्जों को चिन्हित कर उन्हें मुक्त कराकर वहां हरे चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गोचर भूमि का प्रभावी उपयोग करते हुए हरे चारे की बुवाई कराई जाए जिससे निराश्रित गोवंश को पौष्टिक आहार उपलब्ध हो सके और गौशालाओं पर अतिरिक्त दबाव कम हो।

गर्मी के मौसम को दृष्टिगत रखते हुए मंत्री जी ने विशेष निर्देश दिए कि गौशालाओं में गोवंश को धूप से बचाव हेतु पर्याप्त छायादार शेड, ग्रीन नेट ;जुट.टाट की बोरीद्ध एवं वृक्षारोपण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही नियमित रूप से पानी का छिड़काव कर तापमान को नियंत्रित रखने के निर्देश भी दिए गए।

पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि सभी गौशालाओं में स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित की जाए। इसके लिए निर्बाध जल आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश दिए गए। गोवंश के स्वास्थ्य एवं संचारी रोग नियंत्रण के संबंध में उन्होंने निर्देशित किया कि नियमित टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण एवं पशु चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। किसी भी प्रकार की बीमारी की सूचना मिलने पर तत्काल उपचार की समुचित व्यवस्था की जाए जिससे रोगों के प्रसार को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि भूसे का टेंडर सा समय कर लिया जाए और प्रत्येक गौशाला में पर्याप्त मात्रा में भूसे का भंडारण सुनिश्चित किया जाए तथा इसके लिए स्थायी रूप से .भूसा बैंक. भूसा शेड. की स्थापना की जाए ताकि वर्षभर गोवंश को चारे की कमी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने गौशालाओं की नियमित साफ.सफाई, पशुओं के लिए पर्याप्त स्थान तथा निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर भी बल दिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से गौशालाओं का निरीक्षण करें और व्यवस्थाओं की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने अपर निदेशक को अच्छे एनजीओ को गौशाला देने पर जोर दिया। नस्ल सुधार हेतु पशुपालकों को अच्छी नस्ल का सीमन उपलब्ध कराने तथा कृत्रिम गर्भाधान पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि निराश्रित गोवंश के संरक्षण के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी व्यवस्थाएं शासन की मंशा के अनुरूप समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से लागू की जाएं।

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