धमतरी , सितंबर 11 -- छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के सिहावा थाना क्षेत्र के नवागांव में बीते दिन एक महिला की मौत के बाद अंतिम संस्कार की पद्धति को लेकर परिवार और ग्रामीणों के बीच विवाद की स्थिति बन गई। कई घंटे तक चली बैठक के बाद परिवार ने समाज के साथ रहने और महिला का हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार करने पर सहमति जताई, जिसके बाद गुरुवार शाम अंत्येष्टि की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नवागांव निवासी पियन साहू (55) का अचानक निधन हो गया था। पियन बाई तलाकशुदा थीं और अपने भाई के साथ रहती थीं। परिवार ने उनके अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू की तो ग्रामीणों और समाज के लोगों ने अंतिम संस्कार गांव एवं समाज की परंपरा के अनुसार किए जाने की बात कही।
ग्रामीणों और समाज के लोगों का आरोप था कि मृतका का परिवार पिछले कुछ वर्षों से ईसाई मिशनरी से जुड़ा हुआ था और समाज के रीति-रिवाजों के अनुसार कार्यक्रमों में शामिल नहीं होता था। इसी बात को लेकर अंतिम संस्कार के दौरान विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार की तैयारियों में पूरा गांव सहयोग करता है। लकड़ी सहित अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की जाती है और समाज के लोग अंतिम संस्कार में शामिल होते हैं। उनका कहना था कि संबंधित परिवार के समाज से अलग रहने के कारण सहयोग को लेकर विवाद हुआ।
मामला बढ़ने पर सरपंच, ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष और समाज के प्रमुख लोगों ने परिवार के सदस्यों के साथ कई घंटे तक बातचीत की। बैठक में परिवार ने पियन साहू का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार करने पर सहमति जताई। परिवार ने भविष्य में गांव और समाज के कार्यक्रमों में शामिल होने तथा समाज के साथ रहने की बात भी कही।
सहमति के बाद ग्रामीणों और समाज के लोगों की मौजूदगी में परिवार को समाज में दोबारा शामिल करने की प्रक्रिया की गई। परिवार के सदस्यों के पैर धोए गए, गंगाजल पिलाया गया, तुलसी पत्र खिलाया गया और तिलक लगाकर प्रसाद बांटा गया। गांव के मंदिर में पूजा-अर्चना की गई, नारियल फोड़ा गया और गंगाजल का छिड़काव भी किया गया। इसके बाद पियन साहू का हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया गया।
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