धमतरी , जून 01 -- छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में छत्तीसगढ़ का धमतरी जिला एक नई पहल के साथ देश का पहला जिला बन गया है, जहां प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पीएसीएस) के माध्यम से किसानों को ड्रोन स्प्रेयर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

सोमवार को प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन में जिले की 10 पीएसीएस समितियों में ड्रोन स्प्रेयर सेवा शुरू की गई है। समिति लोहरसी में आयोजित कार्यक्रम में इस पहल का शुभारंभ किया गया, जहां प्रशिक्षित ड्रोन पायलटों ने किसानों के समक्ष ड्रोन के माध्यम से उर्वरक एवं कीटनाशकों के छिड़काव का प्रदर्शन किया।

कलेक्टर ने कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाने का यह अभिनव प्रयास है। ड्रोन तकनीक से कम समय और कम लागत में अधिक दक्षता के साथ कृषि कार्य किए जा सकेंगे, जिससे किसानों की उत्पादकता और आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि जिले को कृषि नवाचारों का मॉडल बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है और यह पहल उसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

इस परियोजना के तहत सीएससी ई-गवर्नेंस के सहयोग से पीएसीएस समितियों को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में भी विकसित किया जा रहा है, जिससे किसानों को ड्रोन सेवाओं के साथ विभिन्न डिजिटल और शासकीय सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेंगी।

कार्यक्रम में जनपद सदस्य संत कुमारी किरण साहू, कृषि विभाग के अधिकारी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के प्रतिनिधि, सीएससी के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

जिले की बोड़रा, लोहरसी, दोनर, अछोटा, खरेंगा, भोथीडीह, कुंदेल, गड़ाडीह, जुगदेही और करेली समितियों को ड्रोन स्प्रेयर सुविधा से जोड़ा गया है। इन समितियों के माध्यम से किसानों को आवश्यकता अनुसार ड्रोन आधारित कृषि सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

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