धमतरी , जून 02 -- छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में मंगलवार को जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान एक युवक ने पत्नी और दो बच्चों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर कथित उत्पीड़न से परेशान होने का आरोप लगाते हुए आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों की तत्परता से युवक को समय रहते रोक लिया गया, जिससे अप्रिय घटना घटने से बच गयी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, युवक की पहचान रोहित सोनी के रूप में हुई है, जो धमतरी शहर के पोस्ट ऑफिस वार्ड स्थित साई बाबा मंदिर के समीप का निवासी है। रोहित ने कलेक्टर को सौंपे आवेदन में परिवार सहित इच्छामृत्यु की अनुमति देने की मांग की है।
आवेदन में रोहित ने उल्लेख किया है कि उसका परिवार करीब छह दशक से बढ़ेश्वर महादेव मंदिर के निकट स्थित मकान में रहता है। उसका आरोप है कि हाल के समय में मंदिर से जुड़े कुछ लोगों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा उसे लगातार परेशान किया जा रहा है।
रोहित के अनुसार, जब वह अपने मकान का निर्माण कार्य करा रहा था, तब 10 से 20 लोगों का समूह वहां पहुंचा और निर्माण कार्य रुकवा दिया। उसने आरोप लगाया कि उसे मकान छोड़कर अन्यत्र जाने के लिए दबाव बनाया गया तथा ऐसा नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई।
पीड़ित ने अपने आवेदन में भारतीय जनता पार्टी पार्षद निलेश लुनिया एवं उनके कुछ सहयोगियों पर भी आरोप लगाए हैं। आवेदन के अनुसार, पार्षद और उनके समर्थक लगातार उस पर मकान खाली करने का दबाव बना रहे हैं। उसने आरोप लगाया कि उसे कहा गया, "भाजपा की सरकार है और मैं भाजपा का नेता हूं, जहां जाना है जाओ, मैं देखता हूं तुम यहां कैसे रहते हो।"रोहित ने यह भी आरोप लगाया कि उसके घर तक पहुंचने वाले मार्ग को खोदकर गड्ढा बना दिया गया है, जिससे आवागमन प्रभावित हो गया है। उसका कहना है कि नगर निगम तथा संबंधित अधिकारियों से कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
इसी मुद्दे को लेकर वह मंगलवार को अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ जनदर्शन में पहुंचा था। इस दौरान उसने अचानक अपने ऊपर मिट्टी तेल छिड़क लिया और आत्मदाह का प्रयास किया। हालांकि, वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर उसे सुरक्षित रोक लिया। घटना के बाद कुछ समय के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
युवक ने प्रशासन से परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने, घर तक पहुंच मार्ग बहाल कराने तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रशासन ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच कराने और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है। घटना के बाद यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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