राजनांदगांव , मई 14 -- छत्तीसगढ़ में राष्ट्रहित में ईंधन संरक्षण और संसाधनों के संयमित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए राजनांदगांव जिला प्रशासन ने एक अनुकरणीय पहल की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा संरक्षण के आह्वान और कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देशन में आज कलेक्टोरेट परिसर से अधिकारियों एवं कर्मचारियों का दल निजी वाहनों के बजाय बस के जरिए जनसमस्या निवारण शिविर के लिए रवाना हुआ।

छुरिया विकासखंड के ग्राम साल्हे में आयोजित 'सुशासन तिहार' एवं जनसमस्या निवारण शिविर में शामिल होने के लिए जिले के सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एक साथ बस में सवार होकर निकले। आमतौर पर सरकारी शिविरों के लिए अधिकारियों का काफिला अलग-अलग वाहनों में निकलता है, जिससे ईंधन की भारी खपत होती है। इस नई पहल के माध्यम से जिला प्रशासन ने संदेश दिया है कि सामूहिक परिवहन का उपयोग कर पर्यावरण और राजस्व दोनों की बचत की जा सकती है।

इस अवसर पर कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने जिलेवासियों और सभी शासकीय सेवकों से अपील करते हुए कहा "वैश्विक ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों को देखते हुए पेट्रोल-डीजल जैसे सीमित संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग अनिवार्य है। यह छोटी सी शुरुआत भविष्य में ऊर्जा संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाएगी।"कलेक्टोरेट परिसर से बस रवानगी के दौरान अपर कलेक्टर सीएल मार्कण्डेय सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन की इस 'ग्रीन पहल' की शहर में काफी सराहना हो रही है।

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