नयी दिल्ली , अप्रैल 27 -- प्रवर्तन निदेशालय ने धनशोधन निवारण कानून के तहत चल रही जांच के सिलसिले में कोलकाता स्थित तीन परिसरों पर छापेमारी कर नकदी, स्वर्ण आभूषण, दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किये हैं।

यह जांच सोना पप्पू उर्फ बिस्वजीत पोद्दार, जय एस कामदार, शंतनु सिन्हा बिस्वास तथा अन्य के खिलाफ की जा रही है।

ईडी के अनुसार, कल्याण शुक्ला और संजय कुमार कनोडिया से जुड़े परिसरों पर की गयी तलाशी में 10 लाख रुपये नकद, सोने के आभूषण, आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण बरामद हुए। जब्त दस्तावेजोंमें संदिग्ध व्यक्तियों और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्तियों के बीच बड़े पैमाने पर नकद लेनदेन के संकेत मिले हैं।

ईडी ने बताया कि जय एस कामदार को 19 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले 19 अप्रैलको कोलकाता और बैरकपुर में छह परिसरों पर भी छापे मारे गए थे, जिनमें पुलिस उपायुक्त शंतनु सिन्हा बिस्वास और जय एस कामदार के आवास शामिल थे।

जांच एजेंसी के अनुसार, तलाशी के दौरान शंतनु सिन्हा बिस्वास अनुपलब्ध रहे और समन जारी किये जाने के बावजूद अब तक जांच में शामिल नहीं हुए हैं।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जय एस कामदार के सोना पप्पू से घनिष्ठ संबंध थे और दोनों के बीच महत्वपूर्ण वित्तीय लेनदेन हुए। उस पर सोना पप्पू की पत्नी को हथियार उपलब्ध कराने, हवाला लेनदेन, शेल कंपनियों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय और घरेलू अवैध वित्तीय गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं।

ईडी के अनुसार, जय एस कामदार पर कोलकाता के एक शैक्षणिक ट्रस्ट से 40 करोड़ रुपये से अधिक राशि निकालने में भूमिका निभाने का भी संदेह है।

जांच में यह भी सामने आया कि उसके कुछ पुलिस अधिकारियों से करीबी संबंध थे और उसने कथित रूप से उन्हें तथा उनके परिवारों को महंगे उपहार और अन्य लाभ पहुंचाये।

डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों से संकेत मिले हैं कि आरोपी और उसके सहयोगी कथित रूप से सुनियोजित तरीके से वैध मालिकों से अचल संपत्तियां अवैध रूप से हासिल करने में लगे थे।

ईडी ने इससे पहले एक अप्रैल 2026 को भी छापेमारी कर लगभग 1.47 करोड़ रुपये नकद, लगभग 67.64 लाख रुपये के स्वर्ण-रजत आभूषण, एक फॉर्च्यूनर वाहन, एक अवैध रिवॉल्वर तथा कई दस्तावेज जब्त किये थे। एजेंसी का कहना है कि अब तक की जांच में उगाही, भूमि कब्जा, अवैध निर्माण और अन्य आपराधिक गतिविधियों के जरिए अपराध से अर्जित आय के संकेत मिले हैं। मामले की जांच जारी है।

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