लखनऊ , सितंबर 24 -- विश्व हृदय दिवस के अवसर पर संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) लखनऊ के हृदय रोग विभाग ने वैश्विक अभियान "डोन्ट मिस ए बीट" के साथ जुड़ते हुए लोगों से हृदय रोग के अक्सर हल्के अथवा आसानी से नजरअंदाज कर दिए जाने वाले चेतावनी संकेतों को पहचानने और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।

हृदय एवं रक्तवाहिका संबंधी रोग आज भी दुनिया भर में मृत्यु का प्रमुख कारण बने हुए हैं। विश्व हृदय महासंघ ने हृदय रोगों के व्यापक वैश्विक बोझ और उनकी रोकथाम तथा समय पर कार्रवाई के महत्व को बताया है। भारतीयों में हृदय रोगों के बढ़ते जोखिम को देखते हुए यह संदेश और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।

इस अवसर पर आयोजित वॉकाथॉन में 100 से अधिक लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संदेश सरल लेकिन प्रभावशाली था-हृदय रोग हमेशा किसी बड़े या नाटकीय चेतावनी संकेत के साथ सामने नहीं आता। सांस फूलना, असामान्य थकान, सीने में असहजता, धड़कन तेज या अनियमित महसूस होना, चक्कर आना अथवा पहले की तुलना में व्यायाम करने की क्षमता कम होना जैसे लक्षणों को कई बार उम्र, तनाव या शारीरिक फिटनेस की कमी के कारण होने वाला मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। वर्ष 2026 का यह अभियान लोगों को ऐसे संकेतों को पहचानने, समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने और हृदय रोग की रोकथाम के अवसरों को न चूकने के लिए प्रेरित करता है।

एसजीपीजीआई के निदेशक पद्मश्री आर के धीमन ने कहा कि दिल की सेहत सिर्फ़ मेडिकल ज़िम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज की भी ज़िम्मेदारी है। उन्होंने वर्ल्ड हार्ट डे पर वॉकथॉन आयोजित करने और 'दिल की धड़कन को नज़रअंदाज़ न करें' का संदेश लोगों तक पहुँचाने के लिए कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि यह पहल हमें याद दिलाती है कि एक स्वस्थ दिल की शुरुआत रोज़ाना की स्वस्थ आदतों से होती है-जैसे नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि करना, संतुलित आहार लेना, तंबाकू से दूर रहना और तनाव को मैनेज करना। आज उठाया गया हर कदम कल एक स्वस्थ दिल की ओर बढ़ाया गया कदम है।

प्रो. धीमन ने दोहराया कि संस्थान दिल की बीमारियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने, उनकी रोकथाम और समय पर इलाज के लिए प्रतिबद्ध है। प्रो. आदित्य कपूर, विभागाध्यक्ष, हृदय रोग विभाग, एसजीपीजीआई , ने कहा, "'डोंट मिस ए बीट' केवल एक नारा नहीं है। यह हमें अपने शरीर के संकेतों को सुनने और चेतावनी देने वाले लक्षणों को नजरअंदाज न करने की याद दिलाता है। हृदय की देखभाल हार्ट अटैक से बहुत पहले शुरू हो जाती है-नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित आहार, रक्तचाप, मधुमेह और कोलेस्ट्रॉल पर नियंत्रण तथा तंबाकू से पूर्ण परहेज इसके महत्वपूर्ण आधार हैं।"विश्व हृदय महासंघ की 2026 की "कीप द बीट" पहल सितंबर महीने में प्रतिदिन 20 मिनट शारीरिक गतिविधि करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करती है। दैनिक जीवन में केवल थोड़ी अधिक शारीरिक सक्रियता को शामिल करना भी स्वस्थ जीवनशैली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

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