जयपुर , जनवरी 14 -- सेनाध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने युद्ध के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए आधुनिकरण, प्रौद्योगिकी समावेशन और उच्च ऑपरेशनल रेडीनेस पर सेना के निरंतर ध्यान को रेखांकित किया, साथ ही सम्मान, साहस और कर्तव्य जैसे मूल मूल्यों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई हैं।

रक्षा सूत्रों के अनुसार जनरल द्विवेदी बुधवार को यहां पूर्व सैनिक दिवस के अवसर पर जयपुर मिलिट्री स्टेशन में दक्षिण पश्चिम कमान के तत्वावधान में आयोजित मुख्य समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। अपने संबोधन में सेनाध्यक्ष ने पूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं उनके परिवारजनों को शुभकामनाएँ देते हुए राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों तथा शहीदों के परिवारों का कल्याण भारतीय सेना की सर्वोच्च प्राथमिकता और नैतिक दायित्व है। सेनाध्यक्ष ने पूर्व सैनिकों को सेना की गौरवशाली परंपराओं का आजीवन दूत बताते हुए युवाओं और समाज के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने का आह्वान किया, जिससे राष्ट्रीय एकता, अनुशासन और आत्मनिर्भरता सुदृढ़ हो सके। उन्होंने पूर्व सैनिक कल्याण एवं जनसंपर्क को सशक्त बनाने में सहयोग के लिए सिविल प्रशासन एवं सभी हितधारकों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

जनरल द्विवेदी ने पृथक रूप से आयोजित सेना अलंकरण समारोह में वीर सैनिकों एवं यूनिट्स को वीरता पदक, सेनाध्यक्ष प्रशस्ति पत्र एवं प्रशंसा प्रमाण पत्र प्रदान किए। सेनाध्यक्ष ने जयपुर मिलिट्री स्टेशन के पोलो ग्राउंड में आयोजित आर्मी वेटरन्स डे लंच में भाग लिया जहां उन्होंने पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों से संवाद कर सेना की गौरवशाली परंपराओं और राष्ट्र की सुरक्षा में उनके अमूल्य योगदान की सराहना की। इस अवसर पर जनरल द्विवेदी ने पूर्व सैनिकों से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए सतत प्रयासरत जिला सैनिक बोर्डों के अधिकारियों को सम्मानित किया तथा भारतीय सेना पूर्व सैनिक निदेशालय द्वारा प्रकाशित 'सम्मान'पत्रिका का विमोचन किया।

आर्मी वूमेंस वेलफेयर एसोसिएशन (आवा) की अध्यक्ष सुनीता द्विवेदी ने वीर नारियों एवं वीर माताओं को सम्मानित किया। सेना अलंकरण समारोह के दौरान सेनाध्यक्ष द्वारा कुल 10 सेना मेडल (वीरता) तथा 49 सेनाध्यक्ष यूनिट प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त, 60 यूनिट्स को सेनाध्यक्ष प्रशंसा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए, जिनमें 'ऑपरेशन सिंदूर' के लिए 26 यूनिट्स शामिल रहीं। ये सम्मान देशभर की विभिन्न कमानों की उन यूनिट्स को प्रदान किए गए जिन्होंने साहस, समर्पण और उत्कृष्ट सेवा का परिचय दिया। इसके साथ ही, युद्धभूमि से परे भी राष्ट्रसेवा में उल्लेखनीय योगदान के लिए छह पूर्व सैनिक उपलब्धि विजेताओं एवं तीन नागरिकों को भी सम्मानित किया गया।

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