चेन्नई , जुलाई 04 -- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के पूर्व मंत्री अनीता राधाकृष्णन को अदालत ने 10,000 रुपये का बॉन्ड भरने की शर्त पर जमानत दे दी।
तिरुचेंदूर के मौजूदा विधायक अनीता राधाकृष्णन को शुक्रवार को मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के कुछ ही घंटों बाद अत्तूर टाउन पंचायत में निरीक्षण के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें थूथुकुडी जिले के पुलिस अधीक्षक के कार्यालय ले जाया गया, जहां उनसे लगभग साढ़े पांच घंटे तक पूछताछ की गई।
उनसे पूछताछ के बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए थूथुकुडी सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। उन्हें बाद में न्यायिक रिमांड के लिए अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें इस शर्त पर जमानत दी गई कि वह 10,000 रुपये का बॉन्ड भरेंगे और दस दिनों तक रोजाना अत्तूर थाना में हस्ताक्षर करेंगे।
श्री अनीता ने संवाददाताओं से बात करते हुए अपने ऊपर लगाए आरोप को राजनीति से प्रेरित बताते हुए श्री विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार के छह महीने के भीतर गिर जाने का दावा किया। उन्होंने पूछताछ के दौरान उन पर विधायक पद छोड़ने और सत्ताधारी टीवीके में शामिल होने का दबाव डालने की भी बात कही। उन्होंने द्रमुक के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध रहने और अपने नेता स्टालिन के रास्ते पर चलने की बात कही। श्री अनीता जमानत की शर्तों के अनुसार शनिवार को अदालत पहुंचे और 10,000 रुपये का निजी बॉन्ड भरा।
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