चेन्नई , अप्रैल 02 -- तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के संस्थापक-अध्यक्ष विजय ने सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को एक समान बताते हुए गुरुवार को मतदाताओं से इन्हें वोट नहीं देने की अपील की है। राज्य में 23 अप्रैल को मतदान होगा।

त्रिची ईस्ट निर्वाचन क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल करने के तुरंत बाद एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए श्री विजय ने कहा, "द्रमुक और भाजपा में कोई अंतर नहीं है, वे एक ही हैं। उन्हें वोट देने से बचें क्योंकि वे अल्पसंख्यकों को धोखा दे रहे हैं।"यह दूसरी सीट है जहां से विजय ने अपने चुनावी सफर की शुरुआत की है। इससे पहले उन्होंने 30 मार्च को चेन्नई की पेरम्बूर सीट से अपना पर्चा दाखिल किया था। उन्होंने कहा, "एक पक्ष विचारधारा के नाम पर कांग्रेस को धनबल से अपनी जेब में रखकर 'आधा खादी' बना हुआ है, तो दूसरा पक्ष अपने दिल्ली के मालिक के साथ 'आधा भगवा' बना हुआ है। न तो द्रमुक पर विश्वास करें और न ही भाजपा पर, दोनों को वोट देना एक जैसा ही है।"बता दें कि पेरम्बूर और त्रिची ईस्ट, दोनों ही शहरी क्षेत्रों में अल्पसंख्यक ईसाई मतदाताओं की अच्छी खासी संख्या है, जिसे इन सीटों से उनके चुनाव लड़ने का मुख्य कारण माना जा रहा है।

द्रमुक के नेतृत्व वाले 'सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस' (एसपीए) और अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) पर निशाना साधते हुए श्री विजय ने पहले को 'धनकुबेरों का गठबंधन' और दूसरे को 'छल कपट का मेल' बताया।

श्री विजय ने आरोप लगाया कि दोनों पक्ष उनके राजनीति में आने से डरे हुए हैं और उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं। उन्होंने कहा, "जैसा कि बहुत से लोग मानते हैं, करूर भगदड़ एक साजिश थी। साथ ही मेरी आखिरी फिल्म 'जन नायकन' को इस चुनाव में एक बड़े खतरे और हथियार के रूप में देखा जा रहा है।"नामांकन के बाद एम.जी. रामचंद्रन (एमजीआर) की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्री विजय ने एक खुले वाहन से अपना प्रचार अभियान शुरू किया। उन्होंने मतदाताओं से एक मौका देने की अपील करते हुए 100 प्रतिशत भ्रष्टाचार मुक्त सरकार देने का वादा किया।

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