चंडीगढ़ , अप्रैल 04 -- किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कर्ज के बोझ से परेशान दो सगे भाइयों की आत्महत्या के मामले को बेहद गंभीर बताते हुए सरकार और व्यवस्था पर सवाल उठाये हैं।

उन्होंने कहा कि मृतकों के पिता ने प्राइमरी एग्रीकल्चर डेवलपमेंट बैंक से कर्ज लिया था, जिसे वे फसल का उचित मूल्य न मिलने के कारण चुका नहीं सके।

श्री डल्लेवाल के अनुसार, बैंक कर्ज देते समय किसानों की जमीन गिरवी रखती है और साथ ही गारंटर से चेक भी लिए जाते हैं। पहले बैंक अधिकारियों ने चेक लेने की बात से इनकार किया, लेकिन किसानों के धरने के बाद उन्होंने इसे स्वीकार किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि जब किसानों की संपत्ति पहले से ही गिरवी होती है, तब चेक लेने की प्रक्रिया अनुचित है और इससे किसानों का शोषण तथा ब्लैकमेलिंग हो रही है। उन्होंने इस प्रथा को तुरंत बंद करने की मांग की।

श्री डल्लेवाल ने सरकार और उच्च न्यायालय से इस मामले में हस्तक्षेप करने और बैंकों पर सख्त कार्रवाई करने की अपील की है। साथ ही उन्होंने किसानों के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू करने की मांग भी रखी।

उन्होंने यह भी कहा कि आत्महत्या करने वाले किसान आलू की खेती करते थे और ओलावृष्टि के कारण उनकी फसल को भारी नुकसान हुआ था। ऐसे में सरकार को उन्हें उचित मुआवजा देना चाहिए, ताकि किसानों को आर्थिक राहत मिल सके।

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